{"_id":"14bfeea21a67f3ce4953e8cd38e9f89e","slug":"recognised-39-villege-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटन की संभावना वाले 39 गांव चिह्नित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटन की संभावना वाले 39 गांव चिह्नित
गोपेश्वर
Updated Fri, 01 Jan 2016 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में ग्रामीण पर्यटन उत्थान योजना के संचालन के लिये जिला पर्यटन विभाग द्वारा जिले के 39 गांवों को चिह्नित किया गया है। योजना के अनुसार चिह्नित गांवों में पर्यटन विकास के लिये ग्रामीणों के सहयोग से आवास गृह व अन्य यात्री सुविधाओं का विकास किया जाना है। इससे पर्यटन की संभावना वाले इन गांवों में पर्यटन व्यवसाय से ग्रामीणों को जोड़ा जा सके।
पर्यटन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत सम्मिलित गांवों में पर्यटन व्यवसाय के विकास के लिये ग्रामीणों को ऋण की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को व्यवसाय से संबंधित विषयों की जानकारी भी दी जाएगी। योजना में ऋण भुगतान में ग्रामीणों द्वारा दो वर्ष तक नियमित किश्त भुगतान किये जाने पर शेष राशि पर लगने वाले ब्याज का भुगतान विभाग द्वारा किये जाने का प्रावधान किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिये ग्रामीणों को पर्यटन विभाग में अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसके आधार पर विभाग द्वारा लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित लाभार्थी को विभाग द्वारा आवास गृह निर्माण और आवास गृह के रखरखाव का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
- 10 पर्यटन समूहों का गठन किया गया है। इनके माध्यम से जिले के पर्यटन की संभावना वाले गांवों में पर्यटन विकास कार्यक्रम चलाये जायेंगे। ग्रामीणों को योजना से जुड़ने के लिये पर्यटन विभाग में पंजीकरण करवाना होगा। इसके लिये वे किसी भी कार्य दिवस पर इच्छुक अभ्यर्थी कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
- सुरेश सिंह यादव, जिला पर्यटन अधिकारी, चमोली।
ये हैं चयनित गांव
माणा, नीति, लाता, उर्गम, कल्पेश्वर, सगर, सिरोली, मंडल, गौंणा, ग्वालदम, तेलगा, देवसारी, देवलीबगड़, जयकंडी, लंगासू, धारकोट, घन्डियाल, सिमतोली, रडोली, देवग्राम, भर्की, भेंटा, गौणा, पगना, दुर्मी, मंडल, खल्ला, घेष, हिमनी, बलाण, रामणी, घूनी, पडेरगांव, पाणा, ईराणी, झींझी, बैरासकुंड, मटई और सेमा।
विज्ञापन
पर्यटन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत सम्मिलित गांवों में पर्यटन व्यवसाय के विकास के लिये ग्रामीणों को ऋण की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को व्यवसाय से संबंधित विषयों की जानकारी भी दी जाएगी। योजना में ऋण भुगतान में ग्रामीणों द्वारा दो वर्ष तक नियमित किश्त भुगतान किये जाने पर शेष राशि पर लगने वाले ब्याज का भुगतान विभाग द्वारा किये जाने का प्रावधान किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिये ग्रामीणों को पर्यटन विभाग में अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसके आधार पर विभाग द्वारा लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित लाभार्थी को विभाग द्वारा आवास गृह निर्माण और आवास गृह के रखरखाव का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
- 10 पर्यटन समूहों का गठन किया गया है। इनके माध्यम से जिले के पर्यटन की संभावना वाले गांवों में पर्यटन विकास कार्यक्रम चलाये जायेंगे। ग्रामीणों को योजना से जुड़ने के लिये पर्यटन विभाग में पंजीकरण करवाना होगा। इसके लिये वे किसी भी कार्य दिवस पर इच्छुक अभ्यर्थी कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
- सुरेश सिंह यादव, जिला पर्यटन अधिकारी, चमोली।
ये हैं चयनित गांव
माणा, नीति, लाता, उर्गम, कल्पेश्वर, सगर, सिरोली, मंडल, गौंणा, ग्वालदम, तेलगा, देवसारी, देवलीबगड़, जयकंडी, लंगासू, धारकोट, घन्डियाल, सिमतोली, रडोली, देवग्राम, भर्की, भेंटा, गौणा, पगना, दुर्मी, मंडल, खल्ला, घेष, हिमनी, बलाण, रामणी, घूनी, पडेरगांव, पाणा, ईराणी, झींझी, बैरासकुंड, मटई और सेमा।