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गरीब कैदियों की रिहाई के लिए आर्थिक स्थिति की पुन: करें जांच
Tue, 05 Nov 2024 05:17 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 05 Nov 2024 05:17 PM IST
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सशक्त समिति की बैठक में डीएम ने दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। सजा पूरी होने के बाद भी कई कैदी आर्थिक तंगी के कारण जुर्माना राशि जमा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे कैदियों की मदद के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से वित्तीय सहायता की जा रही है। ऐसे ही तीन कैदियों की आर्थिक स्थिति को लेकर जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने फिर से जांच करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि ऐसे कैदियों की आर्थिक स्थिति की उनके मूल निवास पर जाकर जांच की जाए।
मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट ने सशक्त समिति की बैठक ली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली से पुरसाड़ी कारागार में बंद तीन कैदियों के प्रस्तावों पर विमर्श किया गया। कैदियों की आर्थिक स्थिति की जांच आख्या स्पष्ट नहीं होने पर जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से तीनों कैदियों की आर्थिक स्थिति की उनके मूल निवास पर जाकर जांच की जाए। जमानत या जुर्माने की राशि को कम करने के लिए कोर्ट में पुनर्विचार याचिका भी दायर की जाए। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुनीत कुमार, वरिष्ठ कारागार अधिकारी त्रिलोक चंद्र आर्य सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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सशक्त समिति की बैठक में डीएम ने दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। सजा पूरी होने के बाद भी कई कैदी आर्थिक तंगी के कारण जुर्माना राशि जमा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे कैदियों की मदद के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से वित्तीय सहायता की जा रही है। ऐसे ही तीन कैदियों की आर्थिक स्थिति को लेकर जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने फिर से जांच करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि ऐसे कैदियों की आर्थिक स्थिति की उनके मूल निवास पर जाकर जांच की जाए।
मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट ने सशक्त समिति की बैठक ली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली से पुरसाड़ी कारागार में बंद तीन कैदियों के प्रस्तावों पर विमर्श किया गया। कैदियों की आर्थिक स्थिति की जांच आख्या स्पष्ट नहीं होने पर जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से तीनों कैदियों की आर्थिक स्थिति की उनके मूल निवास पर जाकर जांच की जाए। जमानत या जुर्माने की राशि को कम करने के लिए कोर्ट में पुनर्विचार याचिका भी दायर की जाए। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुनीत कुमार, वरिष्ठ कारागार अधिकारी त्रिलोक चंद्र आर्य सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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