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विकासखंड में कार्यालय में दिया सांकेतिक धरना
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मनरेगा के कार्यों में सरकार की ओर से निर्माण सामग्री के लिए ठेकेदारी प्रथा शुरू करने का प्रधान संघ नारायणबगड़ ने जमकर विरोध किया। इसे लेकर विकासखंड में कार्यालय में प्रधानों ने सांकेतिक धरना भी दिया।
मंगलवार को ब्लॉक कार्यालय में सांकेतिक धरना देते हुए ग्राम प्रधानों ने कहा कि मनरेगा योजना में सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में प्रयुक्त होने वाली निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए निविदाएं आमंत्रित कर रही हैं। जो कि यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के तहत अनुकूल नहीं है। कहा कि एक ओर सरकार ग्राम पंचायतों को सबल करने के दावेे कर रही है और वहीं दूसरी ओर मनरेगा योजना के निर्माण सामग्री की निविदाएं आमंत्रित कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने मनरेगा योजना के क्रिया कलापों को पूर्व की भांति यथावत नहीं रखा तो प्रधान संघ को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। धरना देने वालों में प्रधान संघ के अध्यक्ष मोनू सती, उपाध्यक्ष रीना रावत, रमेश गुसांई, सुनील कोठियाल, गुडडी नेगी, रेखा परिहार, तुलसी देवी, हेमा देवी, वीरेंद्र कुमार, वृजमोहन सिंह, लक्ष्मण कुमार आदि मौजूद थे। वहीं मनरेगा के तहत इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री की आपूर्ति निविदा से किए जाने के विरोध में विकासखंड गैरसैंण के प्रधानों ने उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। उन्होंने मनरेगा में पूर्व की भांति यथास्थिति बनाये रखने और निविदा प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की है। ज्ञापन में गोवर्द्वन प्रसाद, लीलाधर जोशी, पान सिंह, धर्मसिंह, धीरज सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं। संवाद
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मंगलवार को ब्लॉक कार्यालय में सांकेतिक धरना देते हुए ग्राम प्रधानों ने कहा कि मनरेगा योजना में सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में प्रयुक्त होने वाली निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए निविदाएं आमंत्रित कर रही हैं। जो कि यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के तहत अनुकूल नहीं है। कहा कि एक ओर सरकार ग्राम पंचायतों को सबल करने के दावेे कर रही है और वहीं दूसरी ओर मनरेगा योजना के निर्माण सामग्री की निविदाएं आमंत्रित कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने मनरेगा योजना के क्रिया कलापों को पूर्व की भांति यथावत नहीं रखा तो प्रधान संघ को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। धरना देने वालों में प्रधान संघ के अध्यक्ष मोनू सती, उपाध्यक्ष रीना रावत, रमेश गुसांई, सुनील कोठियाल, गुडडी नेगी, रेखा परिहार, तुलसी देवी, हेमा देवी, वीरेंद्र कुमार, वृजमोहन सिंह, लक्ष्मण कुमार आदि मौजूद थे। वहीं मनरेगा के तहत इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री की आपूर्ति निविदा से किए जाने के विरोध में विकासखंड गैरसैंण के प्रधानों ने उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। उन्होंने मनरेगा में पूर्व की भांति यथास्थिति बनाये रखने और निविदा प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की है। ज्ञापन में गोवर्द्वन प्रसाद, लीलाधर जोशी, पान सिंह, धर्मसिंह, धीरज सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं। संवाद
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