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सुविधाओं के लिए ग्रामीण आंदोलन की तैयारी में
ब्यूरो/अमर उजाला,चमोली
Updated Thu, 10 Dec 2015 09:02 PM IST
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सोल पट्टी के कई गांव अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। आलू उत्पादन के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों में दूरसंचार सुविधा नहीं है तो सात गांवों में बिजली नहीं है।
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यही नहीं यहां सरकारी स्कूल तो खोले गए, लेकिन अधिकतर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नहीं है। अब ग्रामीण फिर आंदोलन के लिए रणनीति बना रहे हैं, जिसका ज्ञापन सीएम और डीएम को भेज दिया गया है।
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सोल पट्टी के बीरेंद्र सिंह कहते हैं कि रतगांव गूंठ, रूईसाण, मानिल, धुनबगड़, घुंघूती और तालगैर सहित आस पास के गांव आज भी बिजली से नहीं जुड़ पाए हैं।
जीआईसी गेरूड़, रतगांव, कुराड़, डुंग्री, हाईस्कूल लेटाल आदि स्कूलों में शिक्षकों का टोटा बना है। यही नहीं पट्टी के दस से अधिक गांवों में संचार सेवा भी नहीं है। इन सुविधाओं के लिए ग्रामीणों ने 25 अगस्त 2015 को तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था।
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तब तत्कालीन एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने एक माह में ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन माह बाद भी सोल क्षेत्र की समस्याओं पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन बरसात में बही पुलिया और क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों की मरम्मत भी नहीं कर पाया है।
तहसीलदार परमानंद राम ने बताया कि सोल क्षेत्र की समस्याओं पर जिलाधिकारी और अन्य विभागों को अवगत करा दिया था। निराकरण के लिए शासनस्तर पर कार्रवाई की जा रही है।