फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   People danced fiercely on the songs of Garhwali singer Kishan Mahipal.

गढ़वाली गायक किशन महिपाल के गीतों पर जमकर थिरके लोग

Sun, 14 Nov 2021 07:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 14 Nov 2021 07:45 PM IST
विज्ञापन
People danced fiercely on the songs of Garhwali singer Kishan Mahipal.
गोपेश्वर गांव में इगास पर्व पर गीतों की प्रस्तुति देते गायककार किशन महिपाल। - फोटो : GOPESHWAR
इगास पर्व पर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से गोपेश्वर गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान गढ़वाली गायक किशन महिपाल ने हम छां तेरा लाल, बोला जै बदरीविशाल... समेत गीतों की प्रस्तुति दी जिस पर दर्शक झूम उठे।
विज्ञापन

कार्यक्रम का शुभारंभ रुद्रनाथ मंदिर के पुजारी प्रयाग दत्त भट्ट और जगदंबा प्रसाद भट्ट ने किया। पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी ने उन्हें प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी ने युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। इस दौरान गायककार किशन महिपाल ने भगवान बदरीनाथ के गीत हम छां तेरा लाल, बोला जै बदरीविशाल... से कार्यक्रमों की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। किशन ने स्याली बंपाली..., गिर गेंदुवा..., त्वे मिलण औलू स्याली नीती-गमशाली... आदि गीतों की प्रस्तुति दी। हास्य कवि बृजेश रावत ने मौजूदा समय में शादी ब्याह के प्रचलन पर हास्य कविता प्रस्तुत की। बधाणी संस्था के कलाकारों ने भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी ने कहा कि चमोली जिले में मेडिकल कॉलेज, गोपेश्वर में बेस अस्पताल की स्थापना के लिए संघर्ष करने का एलान किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी, मनीष नेगी, ओम प्रकाश नेगी, संदीप झिंक्वाण, संदीप नेगी और प्रमोद बिष्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

धूमधाम से मनाई इगास
कर्णप्रयाग। रविवार को इगास (काणसी बग्वाल) का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने घरों के चौखट पर फूल लगाए। उसके बाद लोगों ने बैलों पर तेल लगाकर उनकी पूजा की और जौ से बने आटे का भोग लगाया। साथ ही घरों में तुलसी के पौधों की पूजा कर पीले वस्त्र अर्पित किए गए। भैलो खेलने के लिए बच्चे सुबह से ही तैयारी में जुटे रहे। रात में भैलों खेला गया। सिमली, लंगासू, आदिबदरी, नौटी, नंदासैंण, थराली, नारायणबगड़, गैरसैंण, देवाल में भी लोगों ने इगास मनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed