{"_id":"58064de04f1c1b716b7038ee","slug":"parasiling-are-learning-to-master","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैरासीलिंग के सीख रहे गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैरासीलिंग के सीख रहे गुर
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Tue, 18 Oct 2016 09:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वायु सेना और थल सेना के संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान जहां सेना के जवानों को पैरासीलिंग (चलते विमान से उतरने) के गुर सिखाए गए वहीं वायु सेना के विंग कमांडरों ने दुर्गम ऊंचाई पर देर रात तक हेलीकॉप्टरों की उड़ान भरने का अभ्यास किया। तीन दिवसीय संयुक्त अभ्यास में सेना और वायु सेना के 60 से अधिक जांबाज शामिल हैं।
विज्ञापन
वायु सेना के विंग कमांडरों और थल सेना के जवानों ने सोमवार से गौचर हवाई पट्टी में संयुक्त अभ्यास शुरू किया। प्रशिक्षण के दौरान सेेना के जवानों को चलते विमान से करीब 10 से पचास फिट की ऊंचाई से उतरना सिखाया जा रहा है।
विज्ञापन
वायु सेना के विंग कमांडर दो हेलीकॉप्टरों के जरिए पहाड़ की कठिन परिस्थितियों और दुर्गम ऊंचाई पर दिन और रात के समय हेलीकॉप्टरों की उड़ान भरने का अभ्यास कर रहे हैं। संयुक्त अभ्यास में वायु सेना बरेली डिविजन के विंग कमांडर और छह कुमाऊं रेजीमेंट रुद्रप्रयाग के जवान और अधिकारी शामिल हैं। तीन दिवसीय संयुक्त अभ्यास बुधवार को संपन्न होगा।
विज्ञापन