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पाक और चीन अधिकृत भूमि को वापस लाने में दिखाएं दृढ़ता
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श्रीदेव सुमन विवि और जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र नई दिल्ली की ओर से संयुक्त रूप से दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबीनार में मुख्य वक्ता डॉ. शिव पूजन पाठक ने कहा कि पाक और चीन अधिकृत भूमि को वापस लेने के लिए राजनीतिक दृढ़ता दिखानी चाहिए। कश्मीर पाकिस्तान और चीन के लिए वर्चस्व का मुद्दा है जबकि यह भारत का अभिन्न अंग है, इसलिए हमारे लिए यह भावनात्मक मुद्दा है।
कश्मीर मुद्दे पर आयोजित इस वेबीनार में देश के विभिन्न क्षेत्रों से विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि कश्मीर की जनता को भारतीय शासन व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है मगर लगाववादी ताकतें इसमें बाधा डाल रही हैं। ब्रिगेडियर (अवकाश प्राप्त) रवि गुप्ता ने कहा कि चीनी उत्पादों का विरोध चीन की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित कर सकता है। जम्मू -कश्मीर मामलों के विशेषज्ञ डॉ. निधि बहुगुणा ने कहा कि चीन ने सामरिक और धार्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थल जैसे कैलाश मानसरोवर को कब्जा कर हमारी आर्थिक गतिविधियों में बाधा पहुंचाने का काम किया है। प्रो. गोविंद सिंह बिष्ट, क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख आरएसएस सुशील कुमार, वेबीनार के निदेशक प्राचार्य प्रो. आरके गुप्ता ने कहा कि कश्मीर में आर्थिक पूंजी के निवेश के साथ-साथ सामाजिक पूंजी का निवेश किया जाना भी आवश्यक है। संचालन जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के उत्तराखंड प्रभारी बलदेव पाराशर ने किया। इस दौरान डॉ. बीपी पुरोहित, आयोजक सचिव डॉ. जगमोहन सिंह नेगी, अजय शर्मा, प्रो. विशाल शर्मा, डॉ. सूरज कुमार पारचा, डॉ. सूर्यभान सिंह, प्रो. जयप्रकाश सिंह, केके रैना आदि ने विचार रखे।
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कश्मीर मुद्दे पर आयोजित इस वेबीनार में देश के विभिन्न क्षेत्रों से विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि कश्मीर की जनता को भारतीय शासन व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है मगर लगाववादी ताकतें इसमें बाधा डाल रही हैं। ब्रिगेडियर (अवकाश प्राप्त) रवि गुप्ता ने कहा कि चीनी उत्पादों का विरोध चीन की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित कर सकता है। जम्मू -कश्मीर मामलों के विशेषज्ञ डॉ. निधि बहुगुणा ने कहा कि चीन ने सामरिक और धार्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थल जैसे कैलाश मानसरोवर को कब्जा कर हमारी आर्थिक गतिविधियों में बाधा पहुंचाने का काम किया है। प्रो. गोविंद सिंह बिष्ट, क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख आरएसएस सुशील कुमार, वेबीनार के निदेशक प्राचार्य प्रो. आरके गुप्ता ने कहा कि कश्मीर में आर्थिक पूंजी के निवेश के साथ-साथ सामाजिक पूंजी का निवेश किया जाना भी आवश्यक है। संचालन जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के उत्तराखंड प्रभारी बलदेव पाराशर ने किया। इस दौरान डॉ. बीपी पुरोहित, आयोजक सचिव डॉ. जगमोहन सिंह नेगी, अजय शर्मा, प्रो. विशाल शर्मा, डॉ. सूरज कुमार पारचा, डॉ. सूर्यभान सिंह, प्रो. जयप्रकाश सिंह, केके रैना आदि ने विचार रखे।
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