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Chamoli News: विज्ञान की पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है 20 से 40 किमी दूर
Thu, 08 Oct 2026 04:19 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 08 Oct 2026 04:19 PM IST
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देवाल के वाण, ल्वाणी और घेस इंटर काॅलेजों में नहीं है विज्ञान विषय
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। ब्लॉक के तीन इंटर कॉलेजों में विज्ञान विषय ही नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों को विज्ञान विषय पढ़ने के लिए 20 से 40 किलोमीटर दूर मुंदोली, देवाल एवं अन्य दूसरे विद्यालयों में जाना पड़ता है।
ल्वाणी, घेस और वाण के इंटर कॉलेजों में केवल कला विषय की कक्षाएं संचालित होती हैं। राइंका वाण में 212, ल्वाणी में 141 और घेस इंटर कॉलेज में 125 छात्र हैं। विज्ञान विषय की अनुपलब्धता से इन विद्यालयों की छात्र संख्या प्रभावित हो रही है। अभिभावक करीब आठ-नौ साल से ने इन कॉलेजों में विज्ञान विषय शुरू की मांग कर रहे हैं। ल्वाणी के पीटीए अध्यक्ष मोहन सिंह और अन्य अभिभावकों ने बताया कि विज्ञान विषय पढ़ने के लिए बच्चों को दूर के विद्यालयों में भेजना पड़ रहा है। घेस, बलाण, हिमनी और पिनाऊं के बच्चे करीब 40 किलोमीटर दूर देवाल में कमरा लेकर विज्ञान की पढ़ाई कर रहे हैं। प्रभारी बीईओ देवाल योगेंद्र प्रसाद सेमवाल ने बताया कि एसएमसी और विद्यालय स्तर से विज्ञान विषय के संचालन के लिए कई प्रस्ताव भेजे गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी विद्यालयों से विज्ञान विषय के संचालन का प्रस्ताव फिर से भेजा जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। ब्लॉक के तीन इंटर कॉलेजों में विज्ञान विषय ही नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों को विज्ञान विषय पढ़ने के लिए 20 से 40 किलोमीटर दूर मुंदोली, देवाल एवं अन्य दूसरे विद्यालयों में जाना पड़ता है।
ल्वाणी, घेस और वाण के इंटर कॉलेजों में केवल कला विषय की कक्षाएं संचालित होती हैं। राइंका वाण में 212, ल्वाणी में 141 और घेस इंटर कॉलेज में 125 छात्र हैं। विज्ञान विषय की अनुपलब्धता से इन विद्यालयों की छात्र संख्या प्रभावित हो रही है। अभिभावक करीब आठ-नौ साल से ने इन कॉलेजों में विज्ञान विषय शुरू की मांग कर रहे हैं। ल्वाणी के पीटीए अध्यक्ष मोहन सिंह और अन्य अभिभावकों ने बताया कि विज्ञान विषय पढ़ने के लिए बच्चों को दूर के विद्यालयों में भेजना पड़ रहा है। घेस, बलाण, हिमनी और पिनाऊं के बच्चे करीब 40 किलोमीटर दूर देवाल में कमरा लेकर विज्ञान की पढ़ाई कर रहे हैं। प्रभारी बीईओ देवाल योगेंद्र प्रसाद सेमवाल ने बताया कि एसएमसी और विद्यालय स्तर से विज्ञान विषय के संचालन के लिए कई प्रस्ताव भेजे गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी विद्यालयों से विज्ञान विषय के संचालन का प्रस्ताव फिर से भेजा जाएगा।
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