जिले के विकास का खाका तैयार करने को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मंथन शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान ऋषिकेश की तर्ज पर पंच प्रयागों में हर रोज आरती दर्शन की व्यवस्था करने की बात प्रमुखता से उठी। शिविर में जन प्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जिले के आर्थिक विकास, स्वरोजगार, पलायन रोकथाम, पर्यटन, शिक्षा, कृषि, बागवानी आदि विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने के उद्देश्य से मंथन शिविर के माध्यम से सुझाव लिए जा रहे हैं। शिविर में जो भी अच्छे सुझाव आए हैं उन पर गंभीरता से विचार कर उनका क्रियान्वयन करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। शिविर में राज्य स्तरीय जीएसटी सलाहकार सदस्य डीपी पुरोहित ने गांव-गांव में बरातघर बनाने, पंच केदार व पंच प्रयागों को विकसित करने, नंदा राजजात यात्रा के पड़ावों को विकसित करने का सुझाव रखा। नगर पंचायत नंदप्रयाग की अध्यक्ष डाॅ. हिमानी वैष्णव ने कहा कि पंच प्रयागों का सौंदर्यीकरण कर ऋषिकेश की तर्ज पर आरती दर्शन की व्यवस्था की जानी चाहिए। नगरीय क्षेत्रों में बेहतर पार्किंग व्यवस्था व प्रत्येक 10-10 किमी पर एक मॉडल सरकारी स्कूल स्थापित किए जाएं। बंड विकास संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह ने पर्यटन व उद्योग विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्राधिकरण की अनुमति की बाध्यता समाप्त करने, जनदेश संस्था के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी ने पर्यटन स्थलों को विकसित करने, लोकपाल लक्ष्मण मंदिर को विकसित करने आदि का सुझाव दिया। शिविर में नगर पंचायत गैरसैंण के अध्यक्ष पुष्कर सिंह रावत, धन सिंह नेगी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र नेगी, मोहन सिंह गांववासी, दिनेश प्रसाद तिवारी, देवी प्रसाद पुरोहित आदि ने सुझाव दिए।