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Chamoli News: नदी का जलस्तर बढ़ने से ओडर की अस्थायी पुलिया डूबी
Wed, 28 May 2025 05:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 28 May 2025 05:29 PM IST
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फोटो-
ग्रामीणों की आवाजाही तीन दिन से बंद, दूसरे रास्ते से तीन किमी पैदल पहुंच रहे गंतव्य तक
नदी के दोनों ओर ओडर और सिलंगी में है ग्रामीणों की कृषि भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। पिंडर नदी का जल स्तर बढ़ने से ओडर की अस्थायी लकड़ी की पुलिया पानी में डूब गई है। ऐसे में ग्रामीणों का आवागमन इस पुलिया से बीते तीन दिनों से बंद पड़ा है। ओडर के ग्रामीणों को सुचारु आवागमन के लिए यहां लगी ट्रॉली के संचालन का इंतजार है। ऐसे में ग्रामीणों को आवश्यक काम के लिए तीन किमी पैदल चलकर बोरागाड़ के झूलापुल तक पहुंचना पड़ रहा है।
पिंडर नदी पर बना झूलापुल वर्ष 2013 की आपदा में बह गया था। लोगों के आने-जाने के लिए लोनिवि ने यहां हाइड्रोलिक ट्राॅली लगाई है। ओडर के ग्रामीणों की पिंडर नदी के दोनों ओर ओडर व सिलंगी में कृषि भूमि है। विभाग की ओर से यहां बरसात में 15 जून के बाद ट्रॉली का संचालन किया जाता है और नदी का जल स्तर कम होने पर ग्रामीणों की ओर से श्रमदान कर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई जाती है। अब तीन दिन से इस क्षेत्र में हो रही बारिश से पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ गया है जिस कारण ओडर की लकड़ी की पुलिया पानी में डूब जाने से ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है। ओडर के निवर्तमान बीडीसी मेंबर पान सिंह गड़िया ने बताया कि ऐसे में लोगों को बोरागाड़ से तीन किमी पैदल चलकर गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। उन्होंने लोनिवि से ट्राॅली के शीघ्र संचालन की मांग की। वहीं लोनिवि अधीक्षण अभियंता राजेश चंद्र का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र में लगी सभी ट्रॅालियों की रिपोर्ट लेकर ट्राॅली के संचालन के आदेश दिए जाएंगे।
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ग्रामीणों की आवाजाही तीन दिन से बंद, दूसरे रास्ते से तीन किमी पैदल पहुंच रहे गंतव्य तक
नदी के दोनों ओर ओडर और सिलंगी में है ग्रामीणों की कृषि भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। पिंडर नदी का जल स्तर बढ़ने से ओडर की अस्थायी लकड़ी की पुलिया पानी में डूब गई है। ऐसे में ग्रामीणों का आवागमन इस पुलिया से बीते तीन दिनों से बंद पड़ा है। ओडर के ग्रामीणों को सुचारु आवागमन के लिए यहां लगी ट्रॉली के संचालन का इंतजार है। ऐसे में ग्रामीणों को आवश्यक काम के लिए तीन किमी पैदल चलकर बोरागाड़ के झूलापुल तक पहुंचना पड़ रहा है।
पिंडर नदी पर बना झूलापुल वर्ष 2013 की आपदा में बह गया था। लोगों के आने-जाने के लिए लोनिवि ने यहां हाइड्रोलिक ट्राॅली लगाई है। ओडर के ग्रामीणों की पिंडर नदी के दोनों ओर ओडर व सिलंगी में कृषि भूमि है। विभाग की ओर से यहां बरसात में 15 जून के बाद ट्रॉली का संचालन किया जाता है और नदी का जल स्तर कम होने पर ग्रामीणों की ओर से श्रमदान कर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई जाती है। अब तीन दिन से इस क्षेत्र में हो रही बारिश से पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ गया है जिस कारण ओडर की लकड़ी की पुलिया पानी में डूब जाने से ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है। ओडर के निवर्तमान बीडीसी मेंबर पान सिंह गड़िया ने बताया कि ऐसे में लोगों को बोरागाड़ से तीन किमी पैदल चलकर गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। उन्होंने लोनिवि से ट्राॅली के शीघ्र संचालन की मांग की। वहीं लोनिवि अधीक्षण अभियंता राजेश चंद्र का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र में लगी सभी ट्रॅालियों की रिपोर्ट लेकर ट्राॅली के संचालन के आदेश दिए जाएंगे।
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