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Chamoli News: नोबेल विजेता हान कांग ने रचा है अदभुत साहित्य
Wed, 27 Nov 2024 06:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 27 Nov 2024 06:02 PM IST
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पीजी कॉलेज गोपेश्वर में हान कांग के साहित्य पर हुई गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में अंग्रेजी परिषद की ओर से नोबेल पुरस्कार विजेता हान कांग के साहित्य पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि हान कांग ने अद्भुत साहित्य रचा है जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर देता है।
पीजी कॉलेज में दक्षिण कोरियाई लेखिका हान कांग के 55वें जन्म दिवस पर उनके साहित्य के आयामों पर गोष्ठी हुई। अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दर्शन सिंह नेगी ने कहा कि हान कांग का साहित्य विराट गहराइयों से भरा है। मुख्य वक्ता दिगपाल कंडारी ने कहा कि उनके लेखन में करुणा, आत्मचिंतन और विद्रोह का अद्वितीय मिश्र है। यह लेखन आधुनिक साहित्य को समृद्ध बनाता है। इस अवसर पर भाषण और पोस्टर प्रतियोगिता भी हुई। भाषण में कनिष्का दानू प्रथम, श्रेय रावत द्वितीय, शिखा तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में कनिष्का प्रथम, शीला द्वितीय रही। इस अवसर पर डॉ. राजेश चंद्रियाल, डॉ. दिनेश पंवार और मोहित कोठियाल आदि मौजूद रहे।
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पीजी कॉलेज गोपेश्वर में हान कांग के साहित्य पर हुई गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में अंग्रेजी परिषद की ओर से नोबेल पुरस्कार विजेता हान कांग के साहित्य पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि हान कांग ने अद्भुत साहित्य रचा है जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर देता है।
पीजी कॉलेज में दक्षिण कोरियाई लेखिका हान कांग के 55वें जन्म दिवस पर उनके साहित्य के आयामों पर गोष्ठी हुई। अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दर्शन सिंह नेगी ने कहा कि हान कांग का साहित्य विराट गहराइयों से भरा है। मुख्य वक्ता दिगपाल कंडारी ने कहा कि उनके लेखन में करुणा, आत्मचिंतन और विद्रोह का अद्वितीय मिश्र है। यह लेखन आधुनिक साहित्य को समृद्ध बनाता है। इस अवसर पर भाषण और पोस्टर प्रतियोगिता भी हुई। भाषण में कनिष्का दानू प्रथम, श्रेय रावत द्वितीय, शिखा तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में कनिष्का प्रथम, शीला द्वितीय रही। इस अवसर पर डॉ. राजेश चंद्रियाल, डॉ. दिनेश पंवार और मोहित कोठियाल आदि मौजूद रहे।
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