श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की एक टीम बुधवार को बदरीनाथ धाम पहुंची और धाम की स्थिति का जायजा लिया। धाम में बर्फबारी से बदरीनाथ धाम परिसर और परिक्रमा स्थल को कोई नुकसान नहीं हुआ है। बदरीनाथ मंदिर परिसर की बर्फ भी पूरी तरह पिघल गई है।
बदरीनाथ धाम के कपाट आठ मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जिसे देखते हुए बीकेटीसी ने यात्रा तैयारियां शुरू कर दी हैं। बुधवार को सुबह करीब दस बजे जोशीमठ से मंदिर समिति की टीम प्रभारी उपमुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी के नेतृत्व में बदरीनाथ धाम पहुंची। टीम ने बदरीनाथ में बर्फबारी से हुए नुकसान का जायजा लिया। मंदिर के साथ ही तप्तकुंड, दर्शन लाइन टिन शेड, मंदिर परिसर और आस्था पथ का जायजा भी लिया। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बर्फबारी से बदरीनाथ धाम में कोई नुकसान नहीं हुआ है। धाम परिसर के साथ ही आस्था पथ से तेजी से बर्फ पिघल रही है। कई जगहों पर छिटपुट दुकानों को बर्फबारी से नुकसान पहुंचा है। समिति की ओर से अप्रैल माह में मंदिर कर्मचारियों और मजदूरों का अग्रिम दल बदरीनाथ धाम भेजा जाएगा और धाम के कपाट खुलने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। टीम की ओर से धाम में मंदिर व धर्मशालाओं की साज सज्जा, रंग रोगन, पेयजल, विद्युत के साथ ही खाद्यान्न की समुचित व्यवस्था की जाएगी। बदरीनाथ पहुंचे दल में मंदिर के अभियंता गिरीश रावत, पंडित राजेंद्र सेमवाल, दफेदार कृपाल सनवाल व अतुल डिमरी मौजूद रहे।