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मैक्स दुर्घटना में नौ शिक्षक-शिक्षिकाओं की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Fri, 27 May 2016 10:07 PM IST
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हादसा
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चमोली-लासी सड़क पर बृहस्पतिवार को हुई मैक्स दुर्घटना में मृत शिक्षक-शिक्षिकाओं का शुक्रवार को अलकनंदा के तट पर अलग-अलग पैतृक घाटों पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। शोक में चमोली और गोपेश्वर के बाजार पूरे दिन बंद रहे। वहीं, हेलीकॉप्टर से देहरादून महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराई गई गंभीर घायल रंजना (28) पत्नी पुष्कर लाल ने शुक्रवार सुबह चार बजे दम तोड़ दिया।
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शिक्षक-शिक्षिकाओं की आकस्मिक मौत से शिक्षा विभाग में भी मातम है। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरीश चंद्र सिंह रावत ने कहा कि शिक्षकों की मौत शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उत्तराखंड राजकीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ चमोली ने दुर्घटना में जान गंवा चुके शिक्षकों की आत्मा की शांति के लिए शोक सभा की।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, जिला महामंत्री भुवन चंद्र डिमरी, जिला मीडिया प्रभारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रदेश कोषाध्यक्ष अवतार सिंह रावत, कुलदीप नेगी, देवी प्रसाद तिवारी आदि मौजूद थे। श्री रामचंद्र विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र जोशी ने भी शोक प्रकट किया है। उक्रांद के केंद्रीय प्रवक्ता सत्य प्रकाश सती ने कहा कि आए दिन पहाड़ में वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कहीं न कहीं सड़कों की खस्ता हालत दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। इन दुर्घटनाओं के लिए शासन-प्रशासन दोषी है।
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शिक्षकों की मौत पर बिलख पड़े बच्चे
सड़क हादसे में शिक्षक-शिक्षिकाओं की मौत की खबर मिलने पर फर्स्वाण फाट क्षेत्र के विद्यालयों के विद्यार्थी बिलख पड़े। अभिभावकों के ढाढ़स बंधाने पर भी बच्चों के आंसू नहीं रुके। वे रह-रहकर अपने गुरुजनों को याद कर रहे थे। बच्चों का कहना था कि स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के बाद शिक्षक-शिक्षिकाएं बच्चों से खूब गले मिलकर अपने घरों को लौटी थी। लंबी छुट्टी होने से शिक्षिकाओं ने बच्चों को समझा-बुझाकर घर भेजा था।
शिक्षिकाओं ने उनसे कहा था कि पढ़ाई के साथ-साथ छुट्टियों का खूब आनंद उठाना। बृहस्पतिवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे अपने घरों को लौट गए थे। उन्हें हादसे की खबर नहीं हो पाई। शुक्रवार को दुर्घटना की जानकारी होने पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षक-शिक्षिकाओं की याद में बच्चे बिलख पड़े। उधर, देहरादून के इंदिरेश अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजन अपनों की कुशलक्षेम जाने के लिए बेताब रहे। ब्यूरो