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जर्जर हुआ नंदप्रयाग मोटर पुल, वाहनों की आवाजाही की बंद
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नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग पर झूलाबगड़ में स्थित नंदप्रयाग पुल जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। खतरे को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने यहां से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है। आज से (मंगलवार) पुल का सुधारीकरण कार्य शुरू करवा दिया है।
झूलाबगड़ में अलकनंदा पर वर्ष 1978 में निर्मित यह मोटर पुल अब वाहनों का भार नहीं झेल पा रहा है। बदरीनाथ हाईवे पर चमोली चाड़े पर चल रहे ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य के कारण जिला प्रशासन ने यातायात को इसी सड़क नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मार्ग पर डायवर्ट कर दिया था, जिसके कारण भारी वाहनों की आवाजाही भी इसी पुल से हो रही थी। अब पुल शुरुआत में ही क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल पर बिछाया गया डामर उखड़ गया है और सरिया भी निकलकर नदी में गिर गया है जिससे पुल पर आवाजाही खतरनाक बनी है। समीपवर्ती गांव मासौं, नंदप्रयाग व अन्य गांवों के ग्रामीण भी इसी पुल से पैदल आवाजाही करते हैं। अब लोनिवि ने इस इस पुल को आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। वहीं लोक निर्माण विभाग के ईई धन सिंह रावत का कहना है कि इस पुल पर छह पैनल हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से तीन पैनल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुल पर फिलहाल वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है और इस संबंध में पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को लिखा गया है। मंगलवार से पुल का सुधारीकरण कार्य किया जाएगा। दो सप्ताह बाद पुल को दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
बदरीनाथ हाईवे से ही होगी फिलहाल वाहनों की आवाजाही
गोपेश्वर। नंदप्रयाग-कोठियालसैंण पर पुल से आवाजाही बंद होने से अब दोबारा बदरीनाथ हाईवे से ही वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। यहां चमोली चाड़े पर ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य के बीच ही समय-समय पर वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। झूलाबगड़ पुल के ठीक होने पर फिर से यातायात डायवर्ड किया जाएगा। संवाद
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झूलाबगड़ में अलकनंदा पर वर्ष 1978 में निर्मित यह मोटर पुल अब वाहनों का भार नहीं झेल पा रहा है। बदरीनाथ हाईवे पर चमोली चाड़े पर चल रहे ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य के कारण जिला प्रशासन ने यातायात को इसी सड़क नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मार्ग पर डायवर्ट कर दिया था, जिसके कारण भारी वाहनों की आवाजाही भी इसी पुल से हो रही थी। अब पुल शुरुआत में ही क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल पर बिछाया गया डामर उखड़ गया है और सरिया भी निकलकर नदी में गिर गया है जिससे पुल पर आवाजाही खतरनाक बनी है। समीपवर्ती गांव मासौं, नंदप्रयाग व अन्य गांवों के ग्रामीण भी इसी पुल से पैदल आवाजाही करते हैं। अब लोनिवि ने इस इस पुल को आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। वहीं लोक निर्माण विभाग के ईई धन सिंह रावत का कहना है कि इस पुल पर छह पैनल हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से तीन पैनल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुल पर फिलहाल वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है और इस संबंध में पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को लिखा गया है। मंगलवार से पुल का सुधारीकरण कार्य किया जाएगा। दो सप्ताह बाद पुल को दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
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बदरीनाथ हाईवे से ही होगी फिलहाल वाहनों की आवाजाही
गोपेश्वर। नंदप्रयाग-कोठियालसैंण पर पुल से आवाजाही बंद होने से अब दोबारा बदरीनाथ हाईवे से ही वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। यहां चमोली चाड़े पर ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य के बीच ही समय-समय पर वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। झूलाबगड़ पुल के ठीक होने पर फिर से यातायात डायवर्ड किया जाएगा। संवाद
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