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Chamoli News: कोठुली गांव पहुंची नैणी देवी की देवरा यात्रा
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फोटो
नारायणबगड़। कोथरा गांव में रात्रि प्रवास करने के बाद शुक्रवार को नैणी देवी की देवरा यात्रा कोठुली गांव के प्रवास पर पहुंची। कोथरा गांव में यात्रियों को ग्रामवासियों की ओर से भोज कराया गया। रात में सांस्कृतिक दल के अध्यक्ष भूपेन्द्र नेगी के निर्देशन में कलाकारों ने लोक संस्कृति के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। डोंडिया किशोरलाल, भूपाललाल के तालों पर देवी के ऐरवालों तथा चिनवालों ने गुरुनाच की प्रस्तुति दी। ढोल वादक जयवीर लाल, मदनलाल ने ढोल-दमाऊं के 18 तालों पर लोगों को खूब नचाया।
शुक्रवार सुबह नैणी देवी के गणवें ब्रह्मगुरु विशम्भर सती ने नैणी देवी की नित्य होने वाली पूजाओं को सम्पन्न किया। जागर गीतों से नैणी देवी का आह्वान करते हुए देवी को जागृत किया। इसके उपरांत नैणी देवी ने भूमियाल तथा लाटू देवता की अगुवाई में कोथरा गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों व ध्याणियों की पूजा-भेंट स्वीकार करते हुए आशीर्वाद दिया। दोपहर बाद नैणी देवी की देवरा यात्रा कोथरा गांव से कोठुली गांव के लिए रवाना हुई। महिलाओं ने मांगल गीतों से देवरा यात्रा को गांव से विदा किया।
देर शाम देवरा यात्रा प्रवास के लिए कोठुली गांव पहुंची। यहां ग्रामवासियों ने अक्षत और पुष्प वर्षा कर नैणी देवी के जयकारों से यात्रा की आगवानी की और अपनी अराध्या को ससम्मान गांव में विराजमान किया।
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ग्रामीणों ने देवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष दिवाकर डिमरी, उपाध्यक्ष कल्पेश्वर रतूड़ी, उदय सिंह, आनंद रावत, दलवीर नेगी, नरेश देवराडी, हरीश थपलियाल, जगत सिंह समेत सभी यात्रिगणों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। नैणी देवी की देवरा यात्रा शनिवार को रात्रि प्रवास के लिए चिरखोन गांव पहुंचेगी।
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नारायणबगड़। कोथरा गांव में रात्रि प्रवास करने के बाद शुक्रवार को नैणी देवी की देवरा यात्रा कोठुली गांव के प्रवास पर पहुंची। कोथरा गांव में यात्रियों को ग्रामवासियों की ओर से भोज कराया गया। रात में सांस्कृतिक दल के अध्यक्ष भूपेन्द्र नेगी के निर्देशन में कलाकारों ने लोक संस्कृति के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। डोंडिया किशोरलाल, भूपाललाल के तालों पर देवी के ऐरवालों तथा चिनवालों ने गुरुनाच की प्रस्तुति दी। ढोल वादक जयवीर लाल, मदनलाल ने ढोल-दमाऊं के 18 तालों पर लोगों को खूब नचाया।
शुक्रवार सुबह नैणी देवी के गणवें ब्रह्मगुरु विशम्भर सती ने नैणी देवी की नित्य होने वाली पूजाओं को सम्पन्न किया। जागर गीतों से नैणी देवी का आह्वान करते हुए देवी को जागृत किया। इसके उपरांत नैणी देवी ने भूमियाल तथा लाटू देवता की अगुवाई में कोथरा गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों व ध्याणियों की पूजा-भेंट स्वीकार करते हुए आशीर्वाद दिया। दोपहर बाद नैणी देवी की देवरा यात्रा कोथरा गांव से कोठुली गांव के लिए रवाना हुई। महिलाओं ने मांगल गीतों से देवरा यात्रा को गांव से विदा किया।
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देर शाम देवरा यात्रा प्रवास के लिए कोठुली गांव पहुंची। यहां ग्रामवासियों ने अक्षत और पुष्प वर्षा कर नैणी देवी के जयकारों से यात्रा की आगवानी की और अपनी अराध्या को ससम्मान गांव में विराजमान किया।
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ग्रामीणों ने देवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष दिवाकर डिमरी, उपाध्यक्ष कल्पेश्वर रतूड़ी, उदय सिंह, आनंद रावत, दलवीर नेगी, नरेश देवराडी, हरीश थपलियाल, जगत सिंह समेत सभी यात्रिगणों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। नैणी देवी की देवरा यात्रा शनिवार को रात्रि प्रवास के लिए चिरखोन गांव पहुंचेगी।