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Chamoli News: आंदोलन को मातृशक्ति ने भी दिया समर्थन
Wed, 04 Dec 2024 10:37 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 04 Dec 2024 10:37 AM IST
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बच्चों को घर छोड़कर धरना देने कलेक्ट्रेट पहुंचीं डुमक गांव की महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। सड़क निर्माण की मांग को लेकर डुमक गांव के ग्रामीणों का आमरण अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को अनशन स्थल पर पहुंचकर महिलाओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। वह बच्चों को घर छोड़कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने पहुंचीं।
डुमक गांव के ग्रामीण पिछले 126 दिनों से क्रमिक धरना और 15 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं। मंगलवार को महिलाएं भी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं। यहां हुई सभा में सरपंच फागुणी देवी, सरिता देवी, बसंती, नर्वदा और सुमन ने कहा कि सड़क के लिए अपने बच्चों और मवेशियों को छोड़कर आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। आज भी अपने गंतव्य तक जाने के लिए उन्हें 20 किलोमीटर पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। पीएमजीएसवाई विभाग के अधिकारियों की मनमानी के कारण सड़क निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया है। इस मौके पर जगत सिंह सनवाल, मोहन सनवाल, अंकित भंडारी, यशवंत सिंह, राहुल, राजेंद्र, महावीर, संतोष, प्रकाश और अनुज नेगी आदि मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों ने किया बुद्धि-शुद्धि यज्ञ
गैरसैंण। विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित 14 सूत्री मांगों को लेकर रामलीला मैदान में ग्रामीण डटे हुए हैं। मंगलवार को आंदोलनकारियों ने सरकार और प्रशासन की बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि बीते 20 नवंबर से यहां ग्रामीण आमरण अनशन कर रहे हैं लेकिन प्रशासन और सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। बता दें कि मांगों के लिए पूर्व छात्र नेता मुकेश ढोंडियाल बीते सोमवार से आमरण अनशन पर है। जबकि इससे पहले व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट और पूर्व क्षेपंस सुरेंद्र धीमन आमरण अनशन कर चुके हैं। इस दौरान शंभू गौड़, व्यापारसंघ अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, मंजू, नीमा, मुन्नी, पार्वती, जगदीश ढोंडियाल, कुंवर रावत, सरोज शाह, गोपाल पंत आदि मौजूद थे। संवाद
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बच्चों को घर छोड़कर धरना देने कलेक्ट्रेट पहुंचीं डुमक गांव की महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। सड़क निर्माण की मांग को लेकर डुमक गांव के ग्रामीणों का आमरण अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को अनशन स्थल पर पहुंचकर महिलाओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। वह बच्चों को घर छोड़कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने पहुंचीं।
डुमक गांव के ग्रामीण पिछले 126 दिनों से क्रमिक धरना और 15 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं। मंगलवार को महिलाएं भी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं। यहां हुई सभा में सरपंच फागुणी देवी, सरिता देवी, बसंती, नर्वदा और सुमन ने कहा कि सड़क के लिए अपने बच्चों और मवेशियों को छोड़कर आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। आज भी अपने गंतव्य तक जाने के लिए उन्हें 20 किलोमीटर पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। पीएमजीएसवाई विभाग के अधिकारियों की मनमानी के कारण सड़क निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया है। इस मौके पर जगत सिंह सनवाल, मोहन सनवाल, अंकित भंडारी, यशवंत सिंह, राहुल, राजेंद्र, महावीर, संतोष, प्रकाश और अनुज नेगी आदि मौजूद रहे।
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आंदोलनकारियों ने किया बुद्धि-शुद्धि यज्ञ
गैरसैंण। विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित 14 सूत्री मांगों को लेकर रामलीला मैदान में ग्रामीण डटे हुए हैं। मंगलवार को आंदोलनकारियों ने सरकार और प्रशासन की बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि बीते 20 नवंबर से यहां ग्रामीण आमरण अनशन कर रहे हैं लेकिन प्रशासन और सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। बता दें कि मांगों के लिए पूर्व छात्र नेता मुकेश ढोंडियाल बीते सोमवार से आमरण अनशन पर है। जबकि इससे पहले व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट और पूर्व क्षेपंस सुरेंद्र धीमन आमरण अनशन कर चुके हैं। इस दौरान शंभू गौड़, व्यापारसंघ अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, मंजू, नीमा, मुन्नी, पार्वती, जगदीश ढोंडियाल, कुंवर रावत, सरोज शाह, गोपाल पंत आदि मौजूद थे। संवाद
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