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निजमुला घाटी के लिए विदा हुईं मां नंदा की लोकजात यात्रा
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पीपलकोटी के बंड भूमियाल मंदिर से निजमुला घाटी के लिए प्रस्थान करती मां नंदा की डोली।
- फोटो : GOPESHWAR
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बंड क्षेत्र के गांव-गांव में भक्तों को दर्शन देने के बाद मां नंदा की लोकजात यात्रा निजमुला घाटी के गांवों के लिए विदा हो गईं। मां नंदा की डोली की विदाई पर महिलाओं ने जा मेरी नंदा ते ऊंचा कैलाश, राजी खुशी राखी मैत्यूं कुटुंब परिवार... जैसे जागर गाए। माता की विदाई पर ध्याणियां (विवाहित बेटियां) रो पड़ीं। बंड भूमियाल के मंदिर परिसर में महिलाओं ने जागर और लोकगीतों से मां नंदा की डोली को विदाई दी। तीन सितंबर को उच्च हिमालय क्षेत्र नरेला बुग्याल में नंदा लोकजात यात्रा संपन्न होगी। बंड मंदिर समिति के अध्यक्ष पूरण सिंह चौहान ने बताया कि बृहस्पतिवार को बंड भूमियाल से आज्ञा लेकर मां नंदा की डोली निजमुला घाटी में पहुंच गई है। इस दौरान सुनील कोठियाल, बंड विकास संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, बंड भूमियाल के अवतारी पुरुष आशीष खाती, जगत सिंह नेगी, देवेंद्र नेगी और अयोध्या प्रसाद हटवाल आदि शामिल हुए। संवाद
लोकजात मेला संपन्न
नंदानगर। ल्वाणी गांव में तीन दिवसीय मां ज्वाल्पा देवी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास लोकजात मेला बृहस्पतिवार को संपन्न हो गया। तीन दिनों तक चले मेले में गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी गीतों की धूम रही। शुक्रवार को मां ज्वाल्पा देवी की डोली भक्तों के साथ कैलाश के लिए विदा होगी। पहले दिन रात्रि प्रवास के लिए मां की डोली रामणी गांव पहुंचेगी। मां ज्वाल्पा देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने बताया कि तीन सितंबर को नंदा सप्तमी के दिन बालपाटा में मां ज्वाल्पा की पूजाएं होंगी।
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लोकजात मेला संपन्न
नंदानगर। ल्वाणी गांव में तीन दिवसीय मां ज्वाल्पा देवी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास लोकजात मेला बृहस्पतिवार को संपन्न हो गया। तीन दिनों तक चले मेले में गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी गीतों की धूम रही। शुक्रवार को मां ज्वाल्पा देवी की डोली भक्तों के साथ कैलाश के लिए विदा होगी। पहले दिन रात्रि प्रवास के लिए मां की डोली रामणी गांव पहुंचेगी। मां ज्वाल्पा देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने बताया कि तीन सितंबर को नंदा सप्तमी के दिन बालपाटा में मां ज्वाल्पा की पूजाएं होंगी।
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