जोशीमठ। संतानदायिनी माता अनसूया की दिवारा यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यात्रा में शामिल होने के लिए भक्तों का हुजूम भी उमड़ रहा है। माता अनसूया अपनी ध्याणियों (विवाहित बेटी) के यहां रात्रि प्रवास के लिए पहुंच रही हैं। बुधवार को विनायकचट्टी में पूजा-अर्चना के बाद माता अनसूया पांडुकेश्वर गांव का भ्रमण करने के बाद रात्रि प्रवास के लिए गोविंदघाट पहुंचीं। पांडुकेश्वर में मां अनसूया अपनी बहन नंदा के मंदिर में पहुंची। यहां दोनों बहनों की भेंट हुई। दोनों आराध्य देवियों के दर्शन कर ध्याणियों की आंखें झलक उठी। मां अनसूया ने योग ध्यान बदरी मंदिर के दर्शन भी किए। मां अनसूया पांच दिनों तक जोशीमठ क्षेत्र के गांवों का भ्रमण करेगी।
बुधवार को विनायकचट्टी गांव में तीर्थ पुरोहित बलराम तिवारी और पुजारी विनोद सेमवाल ने माता अनसूया की पूजाएं संपन्न की। माता के श्रृंगार के बाद शक्ति पूजा संपन्न हुई। इस दौरान ध्याणियों और ग्रामीणों ने माता अनसूया के दर्शन किए। सुबह आठ बजे आरती के बाद माता को राजभोग लगाया गया। मां अनसूया के दर्शनों को विनायकचट्टी में स्थानीय लोगों के साथ ही तीर्थयात्रियों का तांता लगा रहा। पूर्वाह्न ग्यारह बजे माता की उत्सव डोली ने अपने भक्तों के साथ पांडुकेश्वर गांव के लिए प्रस्थान किया। दिनभर अपने भक्तों के बीच रहने के बाद माता रात्रि प्रवास के लिए गोविंदघाट पहुंची। इस मौके पर महाप्रबंधक भगत सिंह बिष्ट, प्रबंधक हरेंद्र सिंह, ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद राणा, देवेंद्र बर्त्वाल, रविंद्र नेगी, प्रदीप बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, नवीन, आकाश, वृजमोहन रावत, महावीर राणा, विजय सिंह आदि मौजूद थे।