आदिबदरी, गैरसैंण, कर्णप्रयाग और थराली तहसीलों में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोग जंगली जानवरों से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों ने खेतों में बोई फसलों को बर्बाद कर दिया है। कई बार वन विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी बंदरों और सूअरों को पकड़ने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। गांवों में लोग बंदरों के डर से छोटे बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर फसलों को जंगली जानवरों से नहीं बचाया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
फलोटा, ग्वाड़, डिम्मर, गिरसा, जिलासू, स्वर्का, मैखुरा, धल, कांचुला, सिलंगी, कंडारा, उमट्टा, बरसाली, नाकोट, सिमली, नौटी, छांतोली और कनोठ आदि गांवों में इन दिनों धान, मंड़ुवा, झंगोरा, उड़द, तोर आदि की फसलें उगाई हैं। राजेंद्र, रणबीर, नीरज, राकेश, पवन, गोपी, प्रणवेंद्र, सुरेश, आशुतोष आदि ने कहा कि काश्तकारों ने गर्मियों में मुश्किल से फसलों को उगाया अब बंदर और जंगली सूअर उन्हें बर्बाद कर रहे हैं। रेंजर प्रदीप गौड़ ने कहा कि गांवों में बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की व्यवस्था की जाएगी।