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Chamoli News: मां ज्वाला की डोली ने भक्तों के साथ संगम पर किया स्नान
Mon, 15 Jan 2024 04:09 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 15 Jan 2024 04:09 PM IST
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फोटो
मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में की पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। कठूड़ क्षेत्र की आराध्य देवी मां ज्वाला की डाेली ने मकर संक्रांति पर्व पर कर्णप्रयाग संगम पर पवित्र स्नान किया। इस दौरान भक्तों ने भी संगम पर आस्था की डुबकी लगाई। अनसूया मेले में अपनी बहन अनसूया से भेंट करने के बाद मां ज्वाला देवी की डोली गांव-गांव के दिवारा भ्रमण पर निकल गई थी। मां ज्वाला की डोली इन दिनों कर्णप्रयाग क्षेत्र में है। 12 फरवरी से माता के मंदिर में श्रीमद्देवी भागवत कथा का शुभारंभ होगा और डोली मंदिर में प्रवेश करेगी। इस मौके पर पुजारी दिनेश प्रसाद थपलियाल, देवी प्रसाद सकलानी, आचार्य प्रशांत डिमरी, वीरेंद्र बर्त्वाल, लक्ष्मण कनवासी, विनोद, मनोज बिष्ट मौजूद रहे। वहीं, मकर संक्रांति पर्व पर मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तगण पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। भक्तों ने गोपीनाथ मंदिर, पोखरी के बामनाथ मंदिर, सकलेश्वर, बटलेश्वर, इंद्रामति देवी मंदिर,चंडिका मंदिर, जोेशीमठ नृसिंह मंदिर, पांडुकेश्वर के योग बदरी मंदिर, आदिबदरी मंदिर आदि धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना कर परिवार की कुशलता की कामना की।
चंडिका देवी मंदिर सिमली के कपाट 15 दिनों के लिए बंद हुए
कर्णप्रयाग। चंडिका देवी मंदिर सिमली के कपाट पूजा-अर्चना के साथ 15 दिनों के लिए बंद कर दिए गए। मंदिर के पुजारी प्रदीप गैरोला ने कहा कि पौराणिक परपंराओं के अनुसार मकर संक्रांति को मंदिर के कपाट 15 दिनों के लिए बंद किए जाते हैं। 30 जनवरी को विधि विधान से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इस मौके पर मंदिर समिति सिमली के अध्यक्ष हेमंत टकोला, उपाध्यक्ष मलक सिंह, कोषाध्यक्ष इंद्रसिंह और मंत्री देवेंद्र सिंह आदि मौजूद थे। संवाद
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मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में की पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। कठूड़ क्षेत्र की आराध्य देवी मां ज्वाला की डाेली ने मकर संक्रांति पर्व पर कर्णप्रयाग संगम पर पवित्र स्नान किया। इस दौरान भक्तों ने भी संगम पर आस्था की डुबकी लगाई। अनसूया मेले में अपनी बहन अनसूया से भेंट करने के बाद मां ज्वाला देवी की डोली गांव-गांव के दिवारा भ्रमण पर निकल गई थी। मां ज्वाला की डोली इन दिनों कर्णप्रयाग क्षेत्र में है। 12 फरवरी से माता के मंदिर में श्रीमद्देवी भागवत कथा का शुभारंभ होगा और डोली मंदिर में प्रवेश करेगी। इस मौके पर पुजारी दिनेश प्रसाद थपलियाल, देवी प्रसाद सकलानी, आचार्य प्रशांत डिमरी, वीरेंद्र बर्त्वाल, लक्ष्मण कनवासी, विनोद, मनोज बिष्ट मौजूद रहे। वहीं, मकर संक्रांति पर्व पर मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तगण पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। भक्तों ने गोपीनाथ मंदिर, पोखरी के बामनाथ मंदिर, सकलेश्वर, बटलेश्वर, इंद्रामति देवी मंदिर,चंडिका मंदिर, जोेशीमठ नृसिंह मंदिर, पांडुकेश्वर के योग बदरी मंदिर, आदिबदरी मंदिर आदि धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना कर परिवार की कुशलता की कामना की।
चंडिका देवी मंदिर सिमली के कपाट 15 दिनों के लिए बंद हुए
कर्णप्रयाग। चंडिका देवी मंदिर सिमली के कपाट पूजा-अर्चना के साथ 15 दिनों के लिए बंद कर दिए गए। मंदिर के पुजारी प्रदीप गैरोला ने कहा कि पौराणिक परपंराओं के अनुसार मकर संक्रांति को मंदिर के कपाट 15 दिनों के लिए बंद किए जाते हैं। 30 जनवरी को विधि विधान से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इस मौके पर मंदिर समिति सिमली के अध्यक्ष हेमंत टकोला, उपाध्यक्ष मलक सिंह, कोषाध्यक्ष इंद्रसिंह और मंत्री देवेंद्र सिंह आदि मौजूद थे। संवाद
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