{"_id":"688785b9d5c2b1ae88090e1e","slug":"landslide-zone-not-treated-karnpryag-news-c-48-1-sdrn1015-116625-2025-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: भूस्खलन जोन का नहीं हुआ ट्रीटमेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: भूस्खलन जोन का नहीं हुआ ट्रीटमेंट
Mon, 28 Jul 2025 07:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 28 Jul 2025 07:44 PM IST
विज्ञापन
थराली। सोल क्षेत्र की लाइफ लाइन थराली-डुंग्री मार्ग पर प्राणमति पुल के समीप भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है जिससे यहां बारिश आने पर सड़क बंद हो जा रही है। आए दिन सड़क बंद होने से यहां 16 गांवों की जनता को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
रूईसाण के निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य दिगंबर देवराड़ी, नवीन मिश्रा, मोहन सिंह, प्रेमशंकर सिंह आदि का कहना है कि हर साल बरसात में यहां भूस्खलन होता है जिससे सड़क आए दिन बंद होती है। यह सड़क मैन, केरा, डुंग्री, रूईसाण, गेरूड़, बूंगा, कोलपुड़ी और मटेना सहित 16 गांवों की दस हजार से अधिक आबादी को जोड़ती है। मगर सड़क बंद होते ही ग्रामीण न तो बैंक पहुंच पाते हैं और न अस्पताल। साथ ही गांव तक आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई भी बंद हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां लगातार भूस्खलन से आवाजाही में परेशानी हो रही है। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़ी ने बताया कि सुरक्षा कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। शासन से स्वीकृति के बाद कार्य किया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
रूईसाण के निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य दिगंबर देवराड़ी, नवीन मिश्रा, मोहन सिंह, प्रेमशंकर सिंह आदि का कहना है कि हर साल बरसात में यहां भूस्खलन होता है जिससे सड़क आए दिन बंद होती है। यह सड़क मैन, केरा, डुंग्री, रूईसाण, गेरूड़, बूंगा, कोलपुड़ी और मटेना सहित 16 गांवों की दस हजार से अधिक आबादी को जोड़ती है। मगर सड़क बंद होते ही ग्रामीण न तो बैंक पहुंच पाते हैं और न अस्पताल। साथ ही गांव तक आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई भी बंद हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां लगातार भूस्खलन से आवाजाही में परेशानी हो रही है। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़ी ने बताया कि सुरक्षा कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। शासन से स्वीकृति के बाद कार्य किया जाएगा। संवाद
विज्ञापन