फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Nijmula Valley: Landslide in Byara village caused cracks in six houses and fields

Nijmula Valley: ब्यारा गांव में भू-धंसाव से खतरा...छह मकानों और खेतों के बीचों बीच पड़ीं दरारें

Thu, 03 Aug 2023 04:56 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर Updated Thu, 03 Aug 2023 04:56 PM IST
सार

ब्यारा गांव में 125 परिवार रहते हैं। इन दिनों हो रही भारी बारिश से ब्यारा गांव में भू-धंसाव हो रहा है। ग्रामीण धर्म सिंह कठैत, दर्शन सिंह, वीरेंद्र सिंह, हीरा सिंह, कुंदन सिंह और देवेंद्र सिंह के मकानों में भी दरारें आ गई हैं जबकि रणजीत सिंह नेगी, उमेद सिंह और बाग सिंह के मकानों को भी खतरा बना हुआ है।

विज्ञापन
Nijmula Valley:  Landslide in Byara village caused cracks in six houses and fields
खेतों में दरारें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

निजमुला घाटी के ब्यारा गांव में भू-धंसाव से छह मकानों और खेतों के बीचों बीच दरारें पड़ गई हैं। साथ ही जीआईसी निजमुला के पुराने भवनों के पीछे भी भूस्खलन हो गया है और स्कूल का नया भवन भी खतरे की जद में आ गया है। जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बिरही-निजमुला सड़क के ब्यारा बाजार में नाली निर्माण और शीघ्र भू-धंसाव की रोकथाम के उपाय करने की मांग उठाई।

विज्ञापन


ब्यारा गांव में 125 परिवार रहते हैं। इन दिनों हो रही भारी बारिश से ब्यारा गांव में भू-धंसाव हो रहा है। ग्रामीण धर्म सिंह कठैत, दर्शन सिंह, वीरेंद्र सिंह, हीरा सिंह, कुंदन सिंह और देवेंद्र सिंह के मकानों में भी दरारें आ गई हैं जबकि रणजीत सिंह नेगी, उमेद सिंह और बाग सिंह के मकानों को भी खतरा बना हुआ है। प्रभावित क्षेत्र में मिनी सहकारी बैंक भी है। यहां भी भू-धंसाव हो रहा है। वहीं जीआईसी निजमुला के पुराने भवनों के पीछे भी भूस्खलन शुरू हो गया है। ऐसे में विद्यालय में अध्ययनरत करीब 200 छात्र-छात्राओं को भी खतरा बना हुआ। ब्यारा के ग्राम प्रधान बृजलाल, ईराणी प्रधान मोहन नेगी, पीटीए अध्यक्ष भगत सिंह फरस्वाण, एसएमसी अध्यक्ष देवेंद्र पंवार ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र भू-धंसाव के ट्रीटमेंट और सड़क पर नाली निर्माण कार्य शुरू करने की मांग उठाई। डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सुरक्षात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
विज्ञापन


Badrinath Highway: खतरे में 900 साल पुराना प्राचीन मंदिर...हो रहा भू-धंसाव, परिसर में पानी रिसने से बने गड्ढे
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन गांवों को जोड़ने वाला झूला पुल जर्जर
निगोमती नदी पर बना पैदल झूला पुल जर्जर हालत में पहुंच गया है। तीन गांवों को जोड़ने वाले इस पुल पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर पुल की मरम्मत कराने की मांग उठाई। लोगों ने बताया कि 35 साल पहले जौरासी, रडुवा और कांडईचंद्रशिला गांव को जोड़ने के लिए निगोमती नदी पर बाज तोक में झूला पुल बनाया गया। तीनों ग्राम पंचायतों के लोग इस पुल से लगातार आवाजाही करते हैं लेकिन पुल बनने के बाद से कभी मरम्मत का काम नहीं किया गया। पुल की स्थिति यह है कि उसके दोनों तरफ की रेलिंग भी टूट चुकी है जिससे आवाजाही करते समय गिरने का भी खतरा बना रहता है। ज्ञापन भेजने वालों में कांडई चंद्रशिला के प्रधान नवीन राणा, महिला मंलदल अध्यक्ष रश्मि राणा, जौरासी के प्रधान विनोद लाल, रडुवा के प्रधान प्रदीप बत्र्वाल, गजेंद्र नेगी, संदीप बत्र्वाल आदि शामिल रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed