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रेलवे विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई फिर शुरू
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रेलवे परियोजना के विस्तार के लिए चमोली जिले में 7.693 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई फिर शुरू कर दी गई है। कर्णप्रयाग क्षेत्र में प्रथम चरण के तहत अंतिम रेलवे स्टेशन सिवांई, लोदला, लंगाली और कोलड़ा क्षेत्र में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। अभी तक 126 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के निर्माण के लिए 48.159 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
रेलवे परियोजना का विस्तार बदरीनाथ धाम और केदारनाथ तक किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन प्रथम चरण में सिवांई गांव तक ही परियोजना कार्य होगा। भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चमोली जिला प्रशासन की ओर से शुरू कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि रेलवे की ओर से 7.693 हेक्टेयर भूमि की अतिरिक्त मांग की गई थी। अब चिह्निकरण कार्य शुरू कर दिया गया है। सिंवाई, लोदला, लंगाली और कोलड़ा गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है।
कुछ भू-स्वामियों का बचा है भुगतान
रेलवे परियोजना में अभी तक काश्तकारों की 48.159 हे. भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसके एवज में 211 करोड़ 10 लाख 95900 रुपये का मुआवजा केंद्र सरकार से स्वीकृत हुआ। इसमें से अभी तक 199 करोड़ 42 लाख 14017 रुपये का भुगतान भू-स्वामियों को कर दिया गया है, जबकि 6 करोड़ 64 लाख 61289 रुपये का मुआवजा वितरित करना शेष है। कई जगहों पर भू स्वामी व सह खातेदारों में आपसी विवाद होने के कारण मुआवजे का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जबकि कुछ मामलों में भू स्वामियों की पहचान ही नहीं हो पा रही है।
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रेलवे परियोजना का विस्तार बदरीनाथ धाम और केदारनाथ तक किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन प्रथम चरण में सिवांई गांव तक ही परियोजना कार्य होगा। भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चमोली जिला प्रशासन की ओर से शुरू कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि रेलवे की ओर से 7.693 हेक्टेयर भूमि की अतिरिक्त मांग की गई थी। अब चिह्निकरण कार्य शुरू कर दिया गया है। सिंवाई, लोदला, लंगाली और कोलड़ा गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है।
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कुछ भू-स्वामियों का बचा है भुगतान
रेलवे परियोजना में अभी तक काश्तकारों की 48.159 हे. भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसके एवज में 211 करोड़ 10 लाख 95900 रुपये का मुआवजा केंद्र सरकार से स्वीकृत हुआ। इसमें से अभी तक 199 करोड़ 42 लाख 14017 रुपये का भुगतान भू-स्वामियों को कर दिया गया है, जबकि 6 करोड़ 64 लाख 61289 रुपये का मुआवजा वितरित करना शेष है। कई जगहों पर भू स्वामी व सह खातेदारों में आपसी विवाद होने के कारण मुआवजे का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जबकि कुछ मामलों में भू स्वामियों की पहचान ही नहीं हो पा रही है।
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