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संयुक्त मजिस्ट्रेट ने किया मठ गांव में भूस्खलन का निरीक्षण
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विकासखंड दशोली के मठ बेमरू गांव के नीचे हो रहे भूस्खलन का संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव शाह ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें भूस्खलन से हो रहे नुकसान के बारे में अवगत कराया।
मठ बेमरू गांव के नीचे लंबे समय से भूस्खलन हो रहा है, जिससे गांव खतरे की जद में आ गया है। बीते दिनों बारिश होने से यहां पर फिर भूस्खलन शुरू हो गया। इस समस्या को अमर उजाला ने दो सितंबर को ‘सड़क की कटिंग से मठ गांव में भूस्खलन’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए मंगलवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव शाह ने गांव में हो रहे भूस्खलन का निरीक्षण किया। साथ ही मठ-बेमरू और गुनियाला में बारिश से हुए नुकसान का भी जायजा लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर 2010 में भूस्खलन शुरू हो गया था। वहीं कुछ समय पहले विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी ने गांव के नीचे सड़क की कटिंग की थी। इससे भूस्खलन और बढ़ गया। भूस्खलन गांव के नजदीक पहुंच चुका है। मठ गांव के प्रधान संजय राणा, मनोज कुमार, प्रकाश सेमवाल, कुलदीप सिंह आदि का कहना है कि संयुक्त मजिस्ट्रेट ने गांव में भूस्खलन का निरीक्षण किया। उन्हें उम्मीद जगी है कि भविष्य में इसका कोई ठोस समाधान निकलेगा।
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मठ बेमरू गांव के नीचे लंबे समय से भूस्खलन हो रहा है, जिससे गांव खतरे की जद में आ गया है। बीते दिनों बारिश होने से यहां पर फिर भूस्खलन शुरू हो गया। इस समस्या को अमर उजाला ने दो सितंबर को ‘सड़क की कटिंग से मठ गांव में भूस्खलन’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए मंगलवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव शाह ने गांव में हो रहे भूस्खलन का निरीक्षण किया। साथ ही मठ-बेमरू और गुनियाला में बारिश से हुए नुकसान का भी जायजा लिया।
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ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर 2010 में भूस्खलन शुरू हो गया था। वहीं कुछ समय पहले विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी ने गांव के नीचे सड़क की कटिंग की थी। इससे भूस्खलन और बढ़ गया। भूस्खलन गांव के नजदीक पहुंच चुका है। मठ गांव के प्रधान संजय राणा, मनोज कुमार, प्रकाश सेमवाल, कुलदीप सिंह आदि का कहना है कि संयुक्त मजिस्ट्रेट ने गांव में भूस्खलन का निरीक्षण किया। उन्हें उम्मीद जगी है कि भविष्य में इसका कोई ठोस समाधान निकलेगा।
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