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उत्तराखंड में कोरोना: चमोली में संक्रमित व्यक्ति को एक दिन बाद ही अस्पताल से भेजा घर, मौत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोखरी(चमोली) Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Tue, 11 May 2021 03:36 PM IST
सार

संक्रमित खुद चलकर घर आया और सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान ने जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब मृतक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उन्हें घर भेजने के बजाय अस्पताल के कोविड सेंटर में इलाज करना चाहिए था।

शव(प्रतीकात्मक तस्वीर)
शव(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार

उत्तराखंड के चमोली में पोखरी ब्लॉक के ब्राह्मणथाला गांव के एक संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल से एक दिन बाद ही घर भेज दिया गया। इसके बाद मरीज की मौत हो गई। ग्राम प्रधान ने जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि संक्रमित को कोविड वार्ड में भर्ती करने के बजाय घर भेज दिया गया। सोमवार को परिजनों ने पीपीई किट पहनकर मृतक का अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार में शामिल परिजनों को एक सप्ताह के लिए होम आइसोलेशन में रखा गया है।



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ग्राम प्रधान दीपक थपलियाल ने बताया कि ब्राह्मणथाला गांव का एक व्यक्ति (55) एक सप्ताह से वायरल से ग्रसित था। 8 मई को परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में भर्ती कराया, जहां उनकी कोरोना जांच की गई। रिपोर्ट पॉजिटिव बताकर उन्हें कोविड वार्ड में भर्ती किया गया। रविवार शाम को अस्पताल प्रशासन ने उन्हें घर भेज दिया।

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संक्रमित खुद चलकर घर आया और सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान ने जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब मृतक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उन्हें घर भेजने के बजाय अस्पताल के कोविड सेंटर में इलाज करना चाहिए था। संक्रमित के परिजनों ने पीपीई किट पहनकर उनका अंतिम संस्कार किया। प्रधान दीपक ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल गांव में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भेजकर सभी ग्रामीणों की कोरोना जांच करने की मांग की।


कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन जरूरी
कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सहमे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार ने कोरोना संक्रमण को लेकर जो गाइडलाइन जारी की है वह पर्याप्त नहीं है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है और इसके लिए लॉकडाउन लगाना जरूरी है।

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