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चार सालों में साढ़े तीन गुणा बढ़ी पर्यटकों की संख्या

Mon, 12 Dec 2016 10:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर) Updated Mon, 12 Dec 2016 10:21 PM IST
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Increased three times in four years, the number of tourists
वैदिनी बुग्याल। - फोटो : Amar Ujala
आपदा के बाद सड़कें जोखिम भरी हो लेकिन पर्यटकों की आस्था में कोई कमी नहीं आ रही है। चार सालों में पर्यटन स्थलों को आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब तीन गुनी की बढ़ोत्तरी हुई है। ब्लाक के वाण से रूपकुंड तक के सभी पर्यटक स्थल और बुग्याल वन विभाग के पास हैं।
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श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा रूट और आस पास के अन्य बुग्याली रूटों पर वर्ष भर पर्यटक पंहुचते हैं, लेकिन एक निश्चित पर्यटन रूट के तहत इन स्थलों का विकास सरकार आज तक नहीं कर पाई हैं। वन विभाग द्वारा रूपकुंड, आली, वैदनी, बगुवावासा, गैरोली पातल नचौड़िया में पर्यटकों के लिए ठहरने के लिए फाइबर हट की व्यवस्था की है।
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यह मार्ग नंदा राजजात और आयोजित नंदा लोकजात का भी है। नंदा राजजात में वैदनी तथा रूपकुंड तक एक लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। वर्ष 2013 में आपदा से आपदा से घाटी की मुख्य सड़क कर्णप्रयाग-ग्वालदम, थराली-देवाल-लोहाजंग सहित कई पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त पड़े हैं। बावजूद यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
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समुद्र तल से 16499 फीट की उंचाई पर स्थित रूपकुंड में पर्यटक अप्रैल से अक्टूबर तक ही आते हैं। लोगों का मानना है कि यदि सरकार बदरीनाथ और हेमकुंड की तर्ज पर इन पर्यटक स्थलों को संवारती और प्रचार प्रसार कर विकसित करती तो यहां आज आमदनी करोड़ों में पहुंचती। उर्मिला बिष्ट ब्लाक प्रमुख देवाल ने बताया कि ब्लाक में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।

लोहाजंग रूपकुंड ट्रैक को जाने वाले पर्यटकों का केंद्र है। रूपकुंड में सर्दी के कारण 7 माह ही पर्यटक आते हैं। यदि ब्लाक के आयजनटाप, भेंकलताल, ब्रहमताल को यदि विकसित किया जाता तो 12 माह यहां पर्यटक पंहुचते।

पर्यटको को वन विभाग द्वारा कई स्थानों पर व्यवस्था की गयी है। विभाग द्वारा फाइबर हट, कैपिंग ग्राउंड, पेयजल, आदि व्यवस्था की गयी है। जिस पर विभाग राजस्व लेता है। इस वर्ष 30 लाख का राजस्व मिला। त्रिलोक सिंह बिष्ट,रैंजर बद्रीनाथ वन प्रभाग देवाल      

 
पिछले चार वर्ष में पर्यटको की संख्या व आमदानी      
वर्ष                    पर्यटकों की संख्या            राजस्व लाख में  
2013-14-        1208-                            295060      
2014-15-        1626-                            459550      
2015-16-        2957-                            1469625                  

2016-17-        4160-                            3006350
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