{"_id":"5f47d7298ebc3e61e11f911d","slug":"hundred-families-quenching-thirst-due-to-rain-and-water-of-alaknanda-gopeshwar-news-drn3543493190","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश और अलकनंदा के पानी से प्यास बुझा रहे सौ परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश और अलकनंदा के पानी से प्यास बुझा रहे सौ परिवार
विज्ञापन
बदरीनाथ हाईवे पर पर चल रहे ऑलवेदर रोड के कार्य से देवलीबगड़ गांव में पंद्रह दिनों से पेयजल सप्लाई ठप पड़ी है। यहां भोटिया जनजाति के करीब सौ परिवार रहते हैं। ग्रामीण बारिश के पानी से अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं तो कई परिवार अलकनंदा से पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों ने ऑलवेदर रोड निर्माण संस्था से पेयजल लाइन की मरम्मत करने और जल संस्थान के अधिकारियों से पेयजल व्यवस्था करने की मांग उठाई।
देवलीबगड़ गांव के लिए बिराजकुंज गदेरे से पेयजल लाइन की सप्लाई होती है। 12 अगस्त को बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन के कारण पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। मोहन सिंह राणा, प्रेम राणा, यशवंत राणा, रोहित राणा, संजय, दिनेश भूटानी और मंजू राणा का कहना है कि वे पंद्रह दिनों से बारिश और अलकनंदा के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। इधर, जल संस्थान के ईई पीके सैनी का कहना है कि यह पेयजल लाइन ग्राम सभा के अधीन है। ग्रामीणों की मांग पर गांव में पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।
20 दिन से पानी के लिए तरस रहीं सिलगढ़ की 16 ग्राम पंचायतें
तिलवाड़ा। जखोली ब्लाक के सिरवाड़ी में 9 अगस्त को बादल फटने से हुई तबाही से क्षतिग्रस्त तैला-सिलगढ़ पेयजल योजना अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। ऐसे में सिलगढ़ की लगभग पांच हजार आबादी पीने के पानी के लिए तरस रही है। ग्रामीणों को पानी के लिए दूरस्थ स्रोतों पर जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सिलगढ़ पट्टी के ग्राम पंचायत तैला, नाग, धारकोट, जखनोली, टाट, मुसाढुंग, कुमड़ी, जैली, कंडाली, शिशों आदि गांवों में ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के संयोजक केएस पंवार, डीएस जख्वाल, दीपक रावत, यशवीर चौहान, ज्येष्ठ प्रमुख नागेंद्र पंवार, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख कमल रावत, बलवीर धीरवान, पीएस फरस्वाण एमएस नेगी ने कहा कि जलसंस्थान व जलनिगम ने पेयजल लाइन अभी तक ठीक नहीं की है। जलसंस्थान के ईई संजय सिंह का कहना है कि जहां योजना क्षतिग्रस्त हुई है, वहां दलदली भूमि है, जिस कारण मरम्मत में दिक्कत हो रही है। मौसम सामान्य होते ही पेयजल योजना दुरुस्त कर दी जाएगी। संवाद
विज्ञापन
देवलीबगड़ गांव के लिए बिराजकुंज गदेरे से पेयजल लाइन की सप्लाई होती है। 12 अगस्त को बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन के कारण पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। मोहन सिंह राणा, प्रेम राणा, यशवंत राणा, रोहित राणा, संजय, दिनेश भूटानी और मंजू राणा का कहना है कि वे पंद्रह दिनों से बारिश और अलकनंदा के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। इधर, जल संस्थान के ईई पीके सैनी का कहना है कि यह पेयजल लाइन ग्राम सभा के अधीन है। ग्रामीणों की मांग पर गांव में पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।
विज्ञापन
20 दिन से पानी के लिए तरस रहीं सिलगढ़ की 16 ग्राम पंचायतें
तिलवाड़ा। जखोली ब्लाक के सिरवाड़ी में 9 अगस्त को बादल फटने से हुई तबाही से क्षतिग्रस्त तैला-सिलगढ़ पेयजल योजना अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। ऐसे में सिलगढ़ की लगभग पांच हजार आबादी पीने के पानी के लिए तरस रही है। ग्रामीणों को पानी के लिए दूरस्थ स्रोतों पर जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सिलगढ़ पट्टी के ग्राम पंचायत तैला, नाग, धारकोट, जखनोली, टाट, मुसाढुंग, कुमड़ी, जैली, कंडाली, शिशों आदि गांवों में ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के संयोजक केएस पंवार, डीएस जख्वाल, दीपक रावत, यशवीर चौहान, ज्येष्ठ प्रमुख नागेंद्र पंवार, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख कमल रावत, बलवीर धीरवान, पीएस फरस्वाण एमएस नेगी ने कहा कि जलसंस्थान व जलनिगम ने पेयजल लाइन अभी तक ठीक नहीं की है। जलसंस्थान के ईई संजय सिंह का कहना है कि जहां योजना क्षतिग्रस्त हुई है, वहां दलदली भूमि है, जिस कारण मरम्मत में दिक्कत हो रही है। मौसम सामान्य होते ही पेयजल योजना दुरुस्त कर दी जाएगी। संवाद