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Chamoli News: जड़ी-बूटी कृषिकरण का दिया प्रशिक्षण, दो हजार पौध बांटी
Sun, 04 Aug 2024 05:54 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 04 Aug 2024 05:54 PM IST
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फोटो
देवाल। ब्लॉक के दूरस्थ गांव हिमनी में किसानों को जड़ी-बूटी के कृषिकरण का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि जड़ी-बूटी की खेती कर किसान बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं। इस दौरान किसानों को अतीस और जटामासी की दो हजार पौध भी वितरित की गई।
एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि श्रीनगर के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रेक) ने हिमनी में कार्यशाला का आयोजन किया। हैप्रेक के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित ने कहा कि जड़ी-बूटी के संरक्षण के लिए उनका कृषिकरण जरूरी है। देवाल के ही घेस गांव में बड़े पैमाने पर कुटकी का उत्पादन भी किया जा रहा है। कार्यशाला में जड़ी-बूटी के उत्पादन, देखभाल एवं विपणन के साथ ही उनके अन्य लाभ की जानकारियां भी किसानों को दी गईं। इस मौके पर पर हैप्रेक के डॉ. राजीव रंजन, डाॅ. जयदेव चौहान, मुकेश करासी, जगदीश सिंह, दीपिका, राजेंद्र शाह, गोविंद रावत, आनंद पटाकी, महिपाल सिंह, रूप सिंह और प्रविंद्र देवी आदि मौजूद रहे।
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देवाल। ब्लॉक के दूरस्थ गांव हिमनी में किसानों को जड़ी-बूटी के कृषिकरण का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि जड़ी-बूटी की खेती कर किसान बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं। इस दौरान किसानों को अतीस और जटामासी की दो हजार पौध भी वितरित की गई।
एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि श्रीनगर के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रेक) ने हिमनी में कार्यशाला का आयोजन किया। हैप्रेक के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित ने कहा कि जड़ी-बूटी के संरक्षण के लिए उनका कृषिकरण जरूरी है। देवाल के ही घेस गांव में बड़े पैमाने पर कुटकी का उत्पादन भी किया जा रहा है। कार्यशाला में जड़ी-बूटी के उत्पादन, देखभाल एवं विपणन के साथ ही उनके अन्य लाभ की जानकारियां भी किसानों को दी गईं। इस मौके पर पर हैप्रेक के डॉ. राजीव रंजन, डाॅ. जयदेव चौहान, मुकेश करासी, जगदीश सिंह, दीपिका, राजेंद्र शाह, गोविंद रावत, आनंद पटाकी, महिपाल सिंह, रूप सिंह और प्रविंद्र देवी आदि मौजूद रहे।
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