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Chamoli News: चिपको आंदोलन की 50वीं वर्षगांठ... गौरा देवी के परिजन सम्मानित, माता मंगला ने दिया सम्मान
Wed, 27 Mar 2024 01:59 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली (जोशीमठ)
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली (जोशीमठ)
Updated Wed, 27 Mar 2024 01:59 PM IST
सार
हंस फाउंडेशन की संस्थापक माता मंगला ने गौरा देवी के पुत्र चंद्र सिंह राणा, बहू मेघुली देवी, चिपको के दौरान गौरा देवी का सहयोग करने वाली उनकी सहेली जठुली देवी और बाली देवी को सम्मानित किया।
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गौरा देवी के परिजन सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चिपको आंदोलन की 50वीं वर्षगांठ पर रविग्राम खेल मैदान में दो दिवसीय स्वर्ण जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान चिपको नेता गौरा देवी के परिजन और आंदोलन के समय उनकी सहयोगी रही महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी।
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रविग्राम खेल मैदान में सामाजिक विकास समिति की ओर से दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिसमें पौणा नृत्य और सूखी गांव की महिलाओं की ओर से आयोजित राधिका नृत्य की प्रस्तुति आकर्षक रही। मुख्य अतिथि हंस फाउंडेशन की संस्थापक माता मंगला ने गौरा देवी के पुत्र चंद्र सिंह राणा, बहू मेघुली देवी, चिपको के दौरान गौरा देवी का सहयोग करने वाली उनकी सहेली जठुली देवी और बाली देवी को सम्मानित किया।
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माता मंगला ने कहा कि 26 मार्च 1974 में गौरा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने वनों को बचाने का आंदोलन शुरू किया था। जो आगे चलकर पूरे विश्व में चिपको आंदोलन के रूप में प्रसिद्ध हुआ। गौरा देवी के संघर्ष से हमें सीख लेने की जरूरत है कि किस तरह से पर्यावरण को बचाया जा सकता है। कहा कि पहाड़ की महिलाओं ने 50 साल पहले इतना बड़ा संघर्ष किया, यह बताता है कि पहाड़ की महिलाएं उस समय भी सामाजिक तौर पर कितनी जागरूक थीं। इस दौरान सीडीएस लेफ्टिनेंट अनिल चौहान की पत्नी अनुपमा चौहान, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व कार्याधिकारी बीडी सिंह, सोहन सिंह और पुष्कर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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गौरा देवी स्मृति वन के पेड़ों पर बांधे रक्षासूत्र
जोशीमठ। पिलखी गांव में ग्रामीणों ने सड़क के पुश्ते से खतरे की जद में आए गौरा देवी स्मृति वन के पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधे। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि पेड़ों को बचाने के लिए वह हरसंभव कोशिश करेंगे। ग्रामीणों ने गौरा देवी स्मृति वन में करीब 300 पेड़ लगाए हैं लेकिन उर्गम घाटी में भेंटा-भर्की सड़क निर्माण से पिलखी गांव के पास बना बैंड टूटने लग गया है जिससे इस वन को खतरा पैदा हो गया है।
चिपको आंदोलन की जयंती पर ग्रामीणों ने स्मृति वन में पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधे। इस मौके पर जनदेश संस्था के सचिव लक्ष्मण नेगी, ग्राम प्रधान हेमलता देवी, भोला सिंह, रामेश्वरी देवी, सरस्वती देवी, सूरज सिंह, आशुतोष नेगी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।