{"_id":"57a21a964f1c1b675d2ba100","slug":"garsann-permanent-capital-derived-rally-halla-bol","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैरसैंण स्थायी राजधानी को निकाली हल्ला बोल रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैरसैंण स्थायी राजधानी को निकाली हल्ला बोल रैली
ब्यूरो/अमर उजाला कर्णप्रयाग
Updated Wed, 03 Aug 2016 09:53 PM IST
विज्ञापन
Strike
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर गैरसैंण स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति ने बुधवार को हल्ला बोल रैली का आयोजन किया। साथ ही काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधानसभा उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी, थराली के विधायक डा. जीतराम आदि से राजधानी निर्माण के लिए समर्थन की अपील की।
विज्ञापन
बुधवार को तहसील मुख्यालय के मुख्य बाजार में काबीना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी का अभिनंदन समारोह था। इस दौरान गैरसैंण स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक और जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने हल्ला बोल रैली का आयोजन किया।
विज्ञापन
कहा कि प्रदेश में जब तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक समिति आंदोलन करेगी। जिसके लिए 16 अगस्त को कर्णप्रयाग में हुंकार रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली में आशीष थपलियाल, जिला पंचायत सदस्य गायत्री नेगी, भाजपा जिला महामंत्री पंकज डिमरी, शैलेंद्र नेगी, सुनील गुसाईं, पंकज कुमेड़ी, सूरज कुमार, केदार रावत, अनिल लडोला, बृजमोहन बिष्ट आदि शामिल थे।
विज्ञापन
10 हजार करोड़ दें केंद्र सरकार
रैली निकाल रहे लोगों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने तंज कसते हुए कहा कि किसी भी प्रदेश में अस्थायी राजधानी नहीं है, लेकिन भाजपा ने राज्य गठन के समय प्रदेश को अस्थायी राजधानी के जाल में फंसाया।
कांग्रेस की हरीश रावत सरकार ने गैरसैंण में विधानसभा भवन, सचिवालय सहित अन्य निर्माण कर दो विधानसभा सत्र, कैबिनेट की बैठक, प्रदेेश कांग्रेस की बैठक सहित कई कार्यक्रम कर ढांचागत सुविधाएं विकसित कर गैरसैंण को राजधानी का रूप दिया। गैरसैंण को जल्द पूर्ण राजधानी बनानी है, तो केंद्र की सरकार जल्द 10 हजार करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित करे।