{"_id":"5786720a4f1c1ba64e13dae1","slug":"fragmented-at-tehsil-rural-anger","type":"story","status":"publish","title_hn":"तहसील पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तहसील पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला, घाट (चमोली)।
Updated Wed, 13 Jul 2016 10:23 PM IST
विज्ञापन
बुधवार को घाट तहसील में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते जनप्रतिनिधि।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाट-नंदप्रयाग सड़क खोलने की धीमी गति से नाराज घाट क्षेत्र के ग्रामीणों का गुस्सा का बुधवार को तहसील पर फूटा। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि सड़क अवरुद्ध होने से क्षेत्र में रसोई गैस, खाद्यान्न, मिट्टी तेल और सब्जी की सप्लाई पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। उन्होंने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द मार्ग सुचारु करने की मांग की।
विज्ञापन
बुधवार को जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में स्थानीय लोग घाट बाजार में जुलूस - प्रदर्शन कर तहसील में पहुंचे। जिला पंचायत सदस्य गुड्डू लाल ने कहा कि बीती एक जुलाई से सेरा में घाट-नंदप्रयाग सड़क अवरुद्ध पड़ी है। और सुस्त गति से मार्ग सुचारु करने का काम चल रहा है।
विज्ञापन
बताया कि यहां मात्र दो जेसीबी मशीनों से सड़क खोलने का काम चल रहा है। जिसकी एक माह से पहले खुलने की उम्मीद नहीं है। जबकि ग्रामीण सेरा से करीब सात किमी की पैदल दूरी तय कर अपने गंतव्य को जा रहे हैं। कहा कि 12 जुलाई को एक वृद्ध महिला की तबियत खराब होने पर उन्हें कुर्सी के जरिए नंदप्रयाग पहुंचाया गया। वहीं एक गर्भवती महिला प्रसव पीढ़ा के दौरान परिजनों के साथ पैदल ही नंदप्रयाग पहुंची।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से सड़क को खुलवाने में कोई दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। नायब तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने जल्द सड़क खुलवाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि चट्टानी भाग होने के कारण यहां कार्य करने में दिक्कतें आ रही हैं। बताया कि सड़क को खुलवाले के लिए मशीन और मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
इस मौके पर प्रधान संगठन के अध्यक्ष मनोज सिंह कठैत, मनमोहन सिंह, देवेंद्र सिंह जमालू, अस्तर खान, अवतार सिंह भंडारी, सुखवीर सिंह रौतेला, रविंद्र सिंह पंवार, द्वारिका प्रसाद मैंदुली, राजेंद्र सिंह, चरण सिंह, सत्यपाल सिंह आदि मौजूद थे।