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चार हिम तेंदुओं के पद चिह्न कैमरे में कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Sat, 20 Aug 2016 10:21 PM IST
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snow leopard
- फोटो : file photo
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केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में दुर्लभ हिम तेंदुआ (स्नो लेपर्ड) का कुनबा बढ़ रहा है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग को मदमहेश्वर घाटी में लगे सीसी टीवी कैमरों में अलग-अलग स्थानों पर हिम तेंदुए के पद चिह्न कैद हुए हैं।
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हिम तेंदुए की उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौजूदगी जानने के लिए केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने बीते नवंबर में जगह-जगह सीसी टीवी कैमरे लगाए थे। जब प्रभागीय अधिकारियों ने कैमरों को खंगाला, तो मदमहेश्वर घाटी और कासनीताल क्षेत्र में चार हिम तेंदुओं के पद चिह्न कैमरे में कैद हुए हैं, जिससे वन अधिकारियों ने हिम तेंदुओं की संख्या बढ़ने का अंदाजा लगाया है।
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चमोली के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 1985 में दिखा था पहला हिम तेंदुआ
चमोली जिले में सबसे पहले वर्ष 1985 में हिम तेंदुआ देखा गया था। इसी दौरान सौखर्क में वनस्पतियों पर रिसर्च कर रहे एक विदेशी छात्र को हिम तेंदुआ दिखा था। नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व की ओर से वर्ष 2004 में की गई स्तनधारी प्रजातियों की गणना में अभी तक हिमालय क्षेत्र में कुल चार-पांच हिम तेंदुओं का अप्रत्यक्ष प्रमाण मिला था, लेकिन अब कैमरों से इनकी संख्या बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
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इस वर्ष केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के तहत मदमहेश्वर घाटी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चार हिम तेंदुओं के पद चिह्न सीसी टीवी कैमरों में कैद हुए हैं, जो तेंदुओं की संख्या में हो रही बढ़ोत्तरी का संकेत दे रहे हैं। कैमरों में कैद हुए पदचिह्नों को परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।
नीतू लक्ष्मी एम, डीएफओ, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर (चमोली)