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Chamoli News: वन कर्मियों ने बुझाई जंगल की आग, दिनभर छाई रही धुंध
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दशोली ब्लॉक के कठूड़ गांव के समीप के जंगलों में लगी आग वन विभाग के कर्मियों ने बुझा ली है लेकिन तब से क्षेत्र में गहरी धुंध छा गई है। सोमवार को गोपेश्वर के साथ ही चमोली बाजार, छिनका, मंडल, बछेर क्षेत्र में दिनभर धुंध छाई रही। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई और आंखों में जलन हुई।
बीते 23 दिसंबर को कठूड़ गांव के समीप चीड़ के जंगलों में आग भड़क गई थी। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के एसडीओ जुगल किशोर चौहान ने बताया कि जंगल की आग बुझा दी गई है। जंगलों में आग लगाते हुए यदि कोई पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जंगल में आग लगने के बाद से नदी, घाटियों में दिनभर धुंध छाई रही।
जंगलों को आग से बचाने की दिलाई शपथ
चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र गोपेश्वर व समलौंण संस्था की ओर से बनास गांव से जंगलों को आग से बचाने के लिए गांवों में व्यापक स्तर पर जन जागरूकता और अध्ययन यात्रा शुरू की गई। इस दौरान ग्रामीणों को जंगलों को आग से बचाने की शपथ भी दिलाई गई। विकास केंद्र गोपेश्वर के प्रबंध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट ने हिमालय क्षेत्र में प्रतिवर्ष वनाग्नि की घटनाओं में हो रही वृद्धि पर चिंता जताई। कहा कि हमारी इस अध्ययन यात्रा का मुख्य उद्देश्य वनाग्नि की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्रों में पदयात्रा कर ग्रामीणों को जागरूक करना है। साथ ही उनसे प्रत्यक्ष संवाद कर उन्हें वनाग्नि के दुष्प्रभावों से अवगत कराना है। समलौंण संस्था के वीरेंद्र दत्त गोदियाल ने भी ग्रामीणों से जंगलों को आग से बचाए रखने की अपील की। इस दौरान आशाराम पंत, नत्थीराम नौटियाल, रामकृष्ण नौटियाल, मनोज रौथाण, वन विभाग पैठाणी रेंज के वन दरोगा अरविंद कुमार आदि शामिल रहे।
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बीते 23 दिसंबर को कठूड़ गांव के समीप चीड़ के जंगलों में आग भड़क गई थी। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के एसडीओ जुगल किशोर चौहान ने बताया कि जंगल की आग बुझा दी गई है। जंगलों में आग लगाते हुए यदि कोई पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जंगल में आग लगने के बाद से नदी, घाटियों में दिनभर धुंध छाई रही।
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जंगलों को आग से बचाने की दिलाई शपथ
चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र गोपेश्वर व समलौंण संस्था की ओर से बनास गांव से जंगलों को आग से बचाने के लिए गांवों में व्यापक स्तर पर जन जागरूकता और अध्ययन यात्रा शुरू की गई। इस दौरान ग्रामीणों को जंगलों को आग से बचाने की शपथ भी दिलाई गई। विकास केंद्र गोपेश्वर के प्रबंध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट ने हिमालय क्षेत्र में प्रतिवर्ष वनाग्नि की घटनाओं में हो रही वृद्धि पर चिंता जताई। कहा कि हमारी इस अध्ययन यात्रा का मुख्य उद्देश्य वनाग्नि की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्रों में पदयात्रा कर ग्रामीणों को जागरूक करना है। साथ ही उनसे प्रत्यक्ष संवाद कर उन्हें वनाग्नि के दुष्प्रभावों से अवगत कराना है। समलौंण संस्था के वीरेंद्र दत्त गोदियाल ने भी ग्रामीणों से जंगलों को आग से बचाए रखने की अपील की। इस दौरान आशाराम पंत, नत्थीराम नौटियाल, रामकृष्ण नौटियाल, मनोज रौथाण, वन विभाग पैठाणी रेंज के वन दरोगा अरविंद कुमार आदि शामिल रहे।
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