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आज भी संचार सेवा से छह हजार आबादी अछूती
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चमोली जनपद के कई दूरस्थ गांव आज भी संचार सुविधा के लिए तरस रहे हैं। संचार सेवा की सबसे अधिक दिक्कत घाट विकास खंड में है। यहां आज भी कई दूरस्थ गांव संचार विहीन हैं। ग्रामीणों को अपने सगे संबंधियों से फोन पर बात करने के लिए भी पांच किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक मौखिक और लिखित रूप से क्षेत्र में मोबाइल टावर स्थापित करने की मांग की गई, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विकास खंड के सुदूरवर्ती पेरी, सुतोल, कनोल, पंजाचौखा, तातड़, सुगड़, वालीग्वाड़, प्राणमती और सीक गांव की आबादी करीब 6000 है। क्षेत्र में संचार सुविधा का अभाव है। क्षेत्र पंचायत सदस्य चंद्र सिंह, ग्राम प्रधान सुतोल राजपाल कुमार, प्रधान पेरी देवेंद्र सिंह, प्रधान कनोल सरस्वती देवी, पूर्व प्रधान पार सिंह, बादल नेगी, खिलापी राम, कंचन सिंह और क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा देवी ने जिला प्रशासन से क्षेत्र में बीएसएनएल या किसी अन्य निजी कंपनी का मोबाइल टावर स्थापित करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने कहा कि संचार सेवा न होने से छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
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विकास खंड के सुदूरवर्ती पेरी, सुतोल, कनोल, पंजाचौखा, तातड़, सुगड़, वालीग्वाड़, प्राणमती और सीक गांव की आबादी करीब 6000 है। क्षेत्र में संचार सुविधा का अभाव है। क्षेत्र पंचायत सदस्य चंद्र सिंह, ग्राम प्रधान सुतोल राजपाल कुमार, प्रधान पेरी देवेंद्र सिंह, प्रधान कनोल सरस्वती देवी, पूर्व प्रधान पार सिंह, बादल नेगी, खिलापी राम, कंचन सिंह और क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा देवी ने जिला प्रशासन से क्षेत्र में बीएसएनएल या किसी अन्य निजी कंपनी का मोबाइल टावर स्थापित करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने कहा कि संचार सेवा न होने से छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
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