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Chamoli News: जिले में शत प्रतिशत संस्थागत डिलीवरी करना करें सुनिश्चित
Fri, 20 Feb 2026 05:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 20 Feb 2026 05:30 PM IST
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- डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को मातृ-शिशु मृत्युदर में कमी लाने के दिए निर्देश
गोपेश्वर। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता को जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि हाई रिस्क गर्भावस्था के मामलों की नियमित जांच और समय पर इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए।
उन्होंने रेफरल मामलों की निगरानी, हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए। संसाधनों की उपलब्धता, बेहतर प्रसव देखभाल और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग व बाल विकास विभाग के बीच समन्वय बनाने पर भी जोर दिया। साथ ही मातृ मृत्यु के कारणों की पहचान कर ग्राम स्तर पर जागरूकता बढ़ाने को कहा। डीएम ने सभी चिकित्सालयों में मैनपावर बढ़ाने, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कर प्रसव पूर्व चार एएनसी जांच सुनिश्चित करने तथा पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री कराने के निर्देश दिए। एएनएम के कार्यों का नियमित निरीक्षण करने, अस्पतालों में साफ-सफाई बनाए रखने और चिकित्सकों की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी कहा। जहां चिकित्सकों की कमी है, वहां अन्य अस्पतालों से ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रभारी अधिकारी डॉ. पवन पाल, गोपेश्वर के चिकित्सक हरीश थपलियाल, डॉ. अरुण त्रिपाठी सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे
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गोपेश्वर। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता को जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि हाई रिस्क गर्भावस्था के मामलों की नियमित जांच और समय पर इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए।
उन्होंने रेफरल मामलों की निगरानी, हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए। संसाधनों की उपलब्धता, बेहतर प्रसव देखभाल और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग व बाल विकास विभाग के बीच समन्वय बनाने पर भी जोर दिया। साथ ही मातृ मृत्यु के कारणों की पहचान कर ग्राम स्तर पर जागरूकता बढ़ाने को कहा। डीएम ने सभी चिकित्सालयों में मैनपावर बढ़ाने, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कर प्रसव पूर्व चार एएनसी जांच सुनिश्चित करने तथा पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री कराने के निर्देश दिए। एएनएम के कार्यों का नियमित निरीक्षण करने, अस्पतालों में साफ-सफाई बनाए रखने और चिकित्सकों की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी कहा। जहां चिकित्सकों की कमी है, वहां अन्य अस्पतालों से ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रभारी अधिकारी डॉ. पवन पाल, गोपेश्वर के चिकित्सक हरीश थपलियाल, डॉ. अरुण त्रिपाठी सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे
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