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Chamoli News: चार साल में नहीं बन पाया पेयजल योजना का टैंक, सदन में दिया धरना
Thu, 21 Sep 2023 09:28 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 21 Sep 2023 09:28 AM IST
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फोटो
अध्यक्ष ने अधिकारियों को किया तलब, हंगामेदार रही चमोली जिला पंचायत की बैठक
जिला पंचायत के सदन में ही धरने पर बैठे जिला पंचायत सदस्य
डीएम, सीडीओ सहित कई अधिकारियों के न आने पर निंदा प्रस्ताव किया पारित
जल जीवन मिशन के कार्यों पर सदस्यों ने उठाए सवाल, जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। बुधवार को हुई चमोली जिला पंचायत की बैठक हंगामेदार रही। चार साल पूर्व एक करोड़ की लागत से निर्मित पेयजल योजना का अभी तक टैंक न बनने से नाराज एक जिला पंचायत सदस्य सदन में ही धरने पर बैठ गया। इस पर अध्यक्ष ने जल निगम और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अधिकारियों को तलब किया। वहीं कई सदस्यों ने जल जीवन मिशन के कार्यों पर सवाल उठाए और जांच की मांग की। बैठक में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी के साथ ही कई अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के मौजूद न होने पर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे से जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी की अध्यक्षता में जिला पंचायत की बैठक हुई। इस दौरान बच्छुवावाण के जिला पंचायत सदस्य अवतार सिंह पुंडीर ने वर्ष 2019 से निर्माणाधीन कालापातल-सांरिगगांव पेयजल योजना पर अभी तक टैंक और लाइन का निर्माण कार्य पूरा न होने की समस्या उठाई। शीघ्र टैंक निर्माण की मांग को लेकर वे सदन में ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। अध्यक्ष रजनी भंडारी ने इस संबंध में जल निगम और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अधिकारियों को तलब किया। जल निगम के अधिकारियों ने कहा कि वन भूमि होने के कारण इस पर आपत्ति लगी है। दस दिन में आपत्ति का निस्तारण कर टैंक निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद सदस्य ने धरना स्थगित किया। वहीं जिला पंचायत सदस्य सूरज सैलानी ने आपदा प्रभावित पगनाें गांव के पुनर्वास और अस्थायी विस्थापित जगहों पर पेयजल की व्यवस्था की मांग उठाई। ब्लाॅक प्रमुख हरीश परमार ने हेलंग-उर्गम सड़क का समरेखण बदलने व तोलमा और लाता मार्ग का निर्माण शीघ्र शुरू करने की बात सदन में रखी। सदस्य विनोद नेगी ने जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच की मांग की। सेंजी की सदस्य दीपा देवी ने बिरही-निजमुला सड़क को दुरुस्त करने की मांग की। कोठा वार्ड के सदस्य बलवीर सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी और सीडीओ कभी भी बैठक में नहीं पहुंचते हैं। आगामी बैठक में यदि अधिकारी नहीं पहुंचे तो बैठक का बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत ने भी क्षेत्र की समस्याएं सदन में रखीं।
इंसेट
सदन में डीडीओ पर बरस पड़े सदस्य
गोपेश्वर। बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी ने जिला विकास अधिकारी केके पंत के समक्ष मनरेगा योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल रास्तों की मरम्मत करने और कई साल से रुके मनरेगा श्रमिकों के मेहनताने का भुगतान करने की बात रखी। इस पर डीडीओ ने व्यंग कसते हुए कहा कि सरकार तुम्हारी है, सरकार से बोलकर भुगतान करवा दीजिए, इस पर सदस्य भड़क गए। जिला पंचायत सदस्य सूरज सैलानी ने कहा कि डीडीओ को सदन में ऐसी राजनीतिक बातें नहीं बोलनी चाहिए। बता दें कि राज्य में भाजपा की सरकार है और चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस समर्थित हैं। संवाद
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अध्यक्ष ने अधिकारियों को किया तलब, हंगामेदार रही चमोली जिला पंचायत की बैठक
जिला पंचायत के सदन में ही धरने पर बैठे जिला पंचायत सदस्य
डीएम, सीडीओ सहित कई अधिकारियों के न आने पर निंदा प्रस्ताव किया पारित
जल जीवन मिशन के कार्यों पर सदस्यों ने उठाए सवाल, जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। बुधवार को हुई चमोली जिला पंचायत की बैठक हंगामेदार रही। चार साल पूर्व एक करोड़ की लागत से निर्मित पेयजल योजना का अभी तक टैंक न बनने से नाराज एक जिला पंचायत सदस्य सदन में ही धरने पर बैठ गया। इस पर अध्यक्ष ने जल निगम और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अधिकारियों को तलब किया। वहीं कई सदस्यों ने जल जीवन मिशन के कार्यों पर सवाल उठाए और जांच की मांग की। बैठक में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी के साथ ही कई अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के मौजूद न होने पर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे से जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी की अध्यक्षता में जिला पंचायत की बैठक हुई। इस दौरान बच्छुवावाण के जिला पंचायत सदस्य अवतार सिंह पुंडीर ने वर्ष 2019 से निर्माणाधीन कालापातल-सांरिगगांव पेयजल योजना पर अभी तक टैंक और लाइन का निर्माण कार्य पूरा न होने की समस्या उठाई। शीघ्र टैंक निर्माण की मांग को लेकर वे सदन में ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। अध्यक्ष रजनी भंडारी ने इस संबंध में जल निगम और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अधिकारियों को तलब किया। जल निगम के अधिकारियों ने कहा कि वन भूमि होने के कारण इस पर आपत्ति लगी है। दस दिन में आपत्ति का निस्तारण कर टैंक निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद सदस्य ने धरना स्थगित किया। वहीं जिला पंचायत सदस्य सूरज सैलानी ने आपदा प्रभावित पगनाें गांव के पुनर्वास और अस्थायी विस्थापित जगहों पर पेयजल की व्यवस्था की मांग उठाई। ब्लाॅक प्रमुख हरीश परमार ने हेलंग-उर्गम सड़क का समरेखण बदलने व तोलमा और लाता मार्ग का निर्माण शीघ्र शुरू करने की बात सदन में रखी। सदस्य विनोद नेगी ने जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच की मांग की। सेंजी की सदस्य दीपा देवी ने बिरही-निजमुला सड़क को दुरुस्त करने की मांग की। कोठा वार्ड के सदस्य बलवीर सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी और सीडीओ कभी भी बैठक में नहीं पहुंचते हैं। आगामी बैठक में यदि अधिकारी नहीं पहुंचे तो बैठक का बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत ने भी क्षेत्र की समस्याएं सदन में रखीं।
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सदन में डीडीओ पर बरस पड़े सदस्य
गोपेश्वर। बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी ने जिला विकास अधिकारी केके पंत के समक्ष मनरेगा योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल रास्तों की मरम्मत करने और कई साल से रुके मनरेगा श्रमिकों के मेहनताने का भुगतान करने की बात रखी। इस पर डीडीओ ने व्यंग कसते हुए कहा कि सरकार तुम्हारी है, सरकार से बोलकर भुगतान करवा दीजिए, इस पर सदस्य भड़क गए। जिला पंचायत सदस्य सूरज सैलानी ने कहा कि डीडीओ को सदन में ऐसी राजनीतिक बातें नहीं बोलनी चाहिए। बता दें कि राज्य में भाजपा की सरकार है और चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस समर्थित हैं। संवाद
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