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धरातल्ला से नंदकेशरी तक निकाली देव यात्रा
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धरातल्ला से गुप्तगंगा तक निकली देव यात्रा
- फोटो : KARNPRYAG
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नंदकेशरी मंदिर में आयोजित एक दिवसीय मेले में देवनृत्य व झोड़ा का आयोजन हुआ। भक्तों ने भगवान की पूजा की और मंदिर में भजन-कीर्तन किए।
धरातल्ला के रावत पुजारियों ने धरातल्ला से नंदकेशरी के गुप्त गंगा तक भव्य देव यात्रा निकाली। गुप्त गंगा में स्नान के बाद यात्रा दोपहर एक बजे मंदिर में पहुंची। यहां पूजा के बाद देव नृत्य हुआ। इस दौरान लोगों ने झोड़ा की प्रस्तुति दी। देर शाम को देव यात्रा धरातल्ला पहुंची। इस मौके पर मंदिर के पुजारी दयाल रावत, अनकपाल रावत, प्रेम सिंह, लखन रावत, गोपाल सिंह, अशोक सिंह, खिलाप सिंह, दिगपाल सिंह, मोहन सिंह, गोविंद सिंह मौजूद थे। मेले में रामनगर, ऋषिकेश और हल्द्वानी से व्यापारी पहुंचे।
धरातल्ला की बुजुर्ग पार्वती देवी (93) व कोठी के पुष्कर सिंह (90) ने बताया कि यह प्राचीन मेला है। इसका आयोजन कब से हो रहा है इसका किसी को पता नहीं है। मंदिर में भगवान शंकर का पूरा परिवार अष्ट भैरव के साथ है। यहां पर पंच वृक्ष हैं श्रद्धालु इस वृक्ष पर धागा बांधकर मनौती मांगते हैं। नंदा राजजात में नंदकेशरी में गढ़वाल व कुमाऊं के देवी देवताओं का मिलन होता है।
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धरातल्ला के रावत पुजारियों ने धरातल्ला से नंदकेशरी के गुप्त गंगा तक भव्य देव यात्रा निकाली। गुप्त गंगा में स्नान के बाद यात्रा दोपहर एक बजे मंदिर में पहुंची। यहां पूजा के बाद देव नृत्य हुआ। इस दौरान लोगों ने झोड़ा की प्रस्तुति दी। देर शाम को देव यात्रा धरातल्ला पहुंची। इस मौके पर मंदिर के पुजारी दयाल रावत, अनकपाल रावत, प्रेम सिंह, लखन रावत, गोपाल सिंह, अशोक सिंह, खिलाप सिंह, दिगपाल सिंह, मोहन सिंह, गोविंद सिंह मौजूद थे। मेले में रामनगर, ऋषिकेश और हल्द्वानी से व्यापारी पहुंचे।
धरातल्ला की बुजुर्ग पार्वती देवी (93) व कोठी के पुष्कर सिंह (90) ने बताया कि यह प्राचीन मेला है। इसका आयोजन कब से हो रहा है इसका किसी को पता नहीं है। मंदिर में भगवान शंकर का पूरा परिवार अष्ट भैरव के साथ है। यहां पर पंच वृक्ष हैं श्रद्धालु इस वृक्ष पर धागा बांधकर मनौती मांगते हैं। नंदा राजजात में नंदकेशरी में गढ़वाल व कुमाऊं के देवी देवताओं का मिलन होता है।
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