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यात्रा मार्ग पर दुकानें लगाने वाले मायूस
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कोरोना महामारी के कारण हुए इस बार चारधाम यात्रा के दौरान रोजगार चलाने वाले सैकड़ों दुकानदार मायूस हैं। पिछले सालों तक यात्रा शुरू होने से दो महीने पहले से ही दुकानदार अपनी दुकानें सजा देते थे, लेकिन इस बार न तो दुकानें सजीं और न ही ढाबे खुले हैं।
ऋषिकेश से बदरीनाथ तक यात्रा पड़ावों पर सैकड़ों लोग गर्मियों में छह महीने तक होटल, चाय, फल, जूस, पूजा के सामान की दुकानें लगाकर स्वरोजगार करते थे। इसी से उनके परिवार का पालन-पोषण होता था। इस बार भगवान बदरीनाथ के कपाट 15 मई को खुलने हैं लेकिन यहां कोई दुकान ही नहीं खुली है।
कर्णप्रयाग में कृष्णा पैलेस के मालिक हरिकृष्ण भट्ट कहते हैं कि कोरोना के कारण इस बार एक भी बुकिंग नहीं हुई। व्यापार संघ अध्यक्ष बृजेश बिष्ट, देवेंद्र, विजय खंडूड़ी, प्रमोद नौटियाल आदि ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद अब अचानक कोरोना के कारण यात्रा मार्ग पर सन्नाटा पसर गया है। संवाद
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ऋषिकेश से बदरीनाथ तक यात्रा पड़ावों पर सैकड़ों लोग गर्मियों में छह महीने तक होटल, चाय, फल, जूस, पूजा के सामान की दुकानें लगाकर स्वरोजगार करते थे। इसी से उनके परिवार का पालन-पोषण होता था। इस बार भगवान बदरीनाथ के कपाट 15 मई को खुलने हैं लेकिन यहां कोई दुकान ही नहीं खुली है।
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कर्णप्रयाग में कृष्णा पैलेस के मालिक हरिकृष्ण भट्ट कहते हैं कि कोरोना के कारण इस बार एक भी बुकिंग नहीं हुई। व्यापार संघ अध्यक्ष बृजेश बिष्ट, देवेंद्र, विजय खंडूड़ी, प्रमोद नौटियाल आदि ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद अब अचानक कोरोना के कारण यात्रा मार्ग पर सन्नाटा पसर गया है। संवाद
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