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Chamoli News: चिह्नीकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने किया प्रदर्शन
Sat, 09 Nov 2024 04:49 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 09 Nov 2024 04:49 PM IST
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फोटो
काला दिवस मनाया, फीता बांधकर और हाथों में काला झंडा लेकर की नारेबाजी की
बोले 7 साल पहले जमा किए दस्तावेज, बावजूद नहीं हुआ राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। चिह्नीकरण से वंचित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य स्थापना दिवस को काला दिवस मनाते हुए तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर चिह्नीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। कहा कि सात साल पहले दस्तावेज जमा कर दिए थे लेकिन अभी तक चिह्नीकरण नहीं किया गया।
चिह्नीकरण से वंचित रह गए राज्य आंदोलनकारियों ने परखाल तिराहे पर एकत्रित होकर काला फीता बांधकर और हाथों में काला झंडा लेकर नारेबाजी की और थरालीबगड़, मुख्य बाजार से होते हुए तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। तहसील मुख्यालय पर हुई बैठक में कहा गया कि राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को आज तक चिह्नित नहीं किया गया है। जबकि वर्ष 2017 में सभी आंदोलनकारियों के आंदोलन से संबंधित दस्तावेज जिलाधिकारी कार्यालय में जमा हैं। इस दौरान दलवीर सिंह रावत, खीम सिंह नेगी, गंगा सिंह रावत, रघुवीर सिंह नेगी, महावीर सिंह, मोहन सिंह, गोपाल सिंह रौतेला, जयबीर मनराल और दलीप नेगी आदि आंदोलनकारी शामिल थे।
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काला दिवस मनाया, फीता बांधकर और हाथों में काला झंडा लेकर की नारेबाजी की
बोले 7 साल पहले जमा किए दस्तावेज, बावजूद नहीं हुआ राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। चिह्नीकरण से वंचित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य स्थापना दिवस को काला दिवस मनाते हुए तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर चिह्नीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। कहा कि सात साल पहले दस्तावेज जमा कर दिए थे लेकिन अभी तक चिह्नीकरण नहीं किया गया।
चिह्नीकरण से वंचित रह गए राज्य आंदोलनकारियों ने परखाल तिराहे पर एकत्रित होकर काला फीता बांधकर और हाथों में काला झंडा लेकर नारेबाजी की और थरालीबगड़, मुख्य बाजार से होते हुए तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। तहसील मुख्यालय पर हुई बैठक में कहा गया कि राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को आज तक चिह्नित नहीं किया गया है। जबकि वर्ष 2017 में सभी आंदोलनकारियों के आंदोलन से संबंधित दस्तावेज जिलाधिकारी कार्यालय में जमा हैं। इस दौरान दलवीर सिंह रावत, खीम सिंह नेगी, गंगा सिंह रावत, रघुवीर सिंह नेगी, महावीर सिंह, मोहन सिंह, गोपाल सिंह रौतेला, जयबीर मनराल और दलीप नेगी आदि आंदोलनकारी शामिल थे।
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