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Chamoli News: सम्मानित नहीं करने पर भराड़ीसैंण परिसर में आंदोलनकारियों का प्रदर्शन
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ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़सैंण में आयोजित राज्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान सम्मानित नहीं किए जाने पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने परिसर के बाहर सड़क पर प्रदर्शन किया और वाहनों के आगे लेटकर आक्रोश जताया। इस दौरान एसडीएम संतोष कुमार व आंदोलनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। किसी तरह प्रशासन ने स्थिति नियंत्रित की।
चिह्नित आंदोलनकारी मेहलचौरी निवासी ने कहा कि चिह्नित होने के बावजूद उन्हें अभी तक प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। हरेंद्र कंडारी व पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र बिष्ट ने कहा कि उन्हें प्रशासन से निमंत्रण पत्र मिला लेकिन भराड़ीसैंण में उनके बैठने के लिए जगह नहीं दी न ही पानी के लिए पूछा गया। इस दौरान एसडीएम संतोष कुमार व आंदोलनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। इसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को सीएम के लौटने के बाद ही मौके से जाने दिया। एसडीएम संतोष कुमार ने कहा कि आंदोलनकारियों से कई दौर की वार्ता हुई लेकिन वह सम्मानित होने के लिए हर बार मना कर रहे थे। आंदोलनकारियों के सम्मान के लिए सभी सामान की व्यवस्था थी। इस दौरान पूरन सिंह नेगी, डॉ. जया नंद गैड़, प्रभासकुमार, जानकी रावत और कुसुमलता आदि कई राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।
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चिह्नित आंदोलनकारी मेहलचौरी निवासी ने कहा कि चिह्नित होने के बावजूद उन्हें अभी तक प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। हरेंद्र कंडारी व पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र बिष्ट ने कहा कि उन्हें प्रशासन से निमंत्रण पत्र मिला लेकिन भराड़ीसैंण में उनके बैठने के लिए जगह नहीं दी न ही पानी के लिए पूछा गया। इस दौरान एसडीएम संतोष कुमार व आंदोलनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। इसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को सीएम के लौटने के बाद ही मौके से जाने दिया। एसडीएम संतोष कुमार ने कहा कि आंदोलनकारियों से कई दौर की वार्ता हुई लेकिन वह सम्मानित होने के लिए हर बार मना कर रहे थे। आंदोलनकारियों के सम्मान के लिए सभी सामान की व्यवस्था थी। इस दौरान पूरन सिंह नेगी, डॉ. जया नंद गैड़, प्रभासकुमार, जानकी रावत और कुसुमलता आदि कई राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।
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