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सुरंग के नीचे 12 मीटर तक ड्रिल के बाद आया मलबा
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रैणी गांव के नीचे वैली ब्रिज स्थापित करने के लिए मलबे का निस्तारण करती बीआरओ की मशीनें।
- फोटो : GOPESHWAR
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तपोवन परियोजना की सुरंग में मलबा हटाने और ड्रिल का काम जोरों पर चल रहा है। शुक्रवार को एनटीपीसी और एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने सुरंग के नीचे मिट्टी में 12 मीटर तक ड्रिल किया तो इसके आगे मलबा आ गया। अब यहां बड़ी मशीन से ड्रिल किया जाएगा, तब तक ड्रिल होगा तब तक लापता लोगों का कुछ पता नहीं चल पाता। ड्रिल का काम रुकने के बाद फिर लोडर के जरिए सुरंग से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि मुख्य टनल के नीचे एसएफटी (सील्ड फ्लसिंग टनल) है। यहां 35 लोगों के फंसे होने की आशंका है। ड्रिल के बाद ड्रोन कैमरे की मदद से फंसे लोगों को तलाशने का कार्य किया जाएगा।
शुक्रवार को सुबह दस बजे से शाम छह बजे आठ घंटे तक सुरंग के अंदर 77 मीटर पर ड्रिल हुई। इंजीनियरों की टीम ने करीब 12 मीटर तक भूमि के अंदर ड्रिल किया, भूमि के नीचे ड्रिल के आगे फ्लश (मलबा) आ गया। इसके बाद लोडर के जरिए सुरंग से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। अभी तक सुरंग से करीब 110 मीटर तक मलबा हटा लिया गया है। एनटीपीसी के जीएम आरपी अहिरवार ने बताया कि सुरंग 180 मीटर लंबी है, जिसमें पहुंचने के लिए देरी लगेगी। इस कारण सुरंग के 77 मीटर पर ड्रिल के जरिए दूसरी टनल में जाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी 200 एमएम की लोहे की छड़ से ड्रिल की जा रही थी लेकिन अब यहां बड़ी मशीन से ड्रिल किया जाएगा। तब तक ड्रिल किया जाएगा तब तक लापता लोगों का कुछ पता नहीं चल पाता।
तपोवन पहुंची बड़ी ड्रिल मशीन
तपोवन। सुरंग में 300 एमएम की छड़ से ड्रिल करने के लिए मशीनें तपोवन पहुंच गई हैं। एनटीपीसी के जीएम आरपी अहिरवार ने बताया कि अब बड़ी मशीन से सुरंग के अंदर ड्रिल किया जाएगा। जहां से ड्रोन कैमरा दूसरी सुरंग के अंदर भजा जाएगा।
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झील के निरीक्षण के लिए टीम रवाना
तपोवन। शुक्रवार को सुरंग के बारह से आईटीबीपी व सेना की रेस्क्यू टीमों को भी प्रशासन ने हटाकर रिजर्व में रख दिया है। वहीं, ऋषि गंगा के मुहाने पर बनी झील का निरीक्षण करने के लिए प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर भेज दी गई है।
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शुक्रवार को सुबह दस बजे से शाम छह बजे आठ घंटे तक सुरंग के अंदर 77 मीटर पर ड्रिल हुई। इंजीनियरों की टीम ने करीब 12 मीटर तक भूमि के अंदर ड्रिल किया, भूमि के नीचे ड्रिल के आगे फ्लश (मलबा) आ गया। इसके बाद लोडर के जरिए सुरंग से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। अभी तक सुरंग से करीब 110 मीटर तक मलबा हटा लिया गया है। एनटीपीसी के जीएम आरपी अहिरवार ने बताया कि सुरंग 180 मीटर लंबी है, जिसमें पहुंचने के लिए देरी लगेगी। इस कारण सुरंग के 77 मीटर पर ड्रिल के जरिए दूसरी टनल में जाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी 200 एमएम की लोहे की छड़ से ड्रिल की जा रही थी लेकिन अब यहां बड़ी मशीन से ड्रिल किया जाएगा। तब तक ड्रिल किया जाएगा तब तक लापता लोगों का कुछ पता नहीं चल पाता।
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तपोवन पहुंची बड़ी ड्रिल मशीन
तपोवन। सुरंग में 300 एमएम की छड़ से ड्रिल करने के लिए मशीनें तपोवन पहुंच गई हैं। एनटीपीसी के जीएम आरपी अहिरवार ने बताया कि अब बड़ी मशीन से सुरंग के अंदर ड्रिल किया जाएगा। जहां से ड्रोन कैमरा दूसरी सुरंग के अंदर भजा जाएगा।
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झील के निरीक्षण के लिए टीम रवाना
तपोवन। शुक्रवार को सुरंग के बारह से आईटीबीपी व सेना की रेस्क्यू टीमों को भी प्रशासन ने हटाकर रिजर्व में रख दिया है। वहीं, ऋषि गंगा के मुहाने पर बनी झील का निरीक्षण करने के लिए प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर भेज दी गई है।