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Chamoli News: चार विशेषज्ञ चिकित्सकों का अनुबंध खत्म, रेफर सेंटर बनकर रह गया जिला अस्पताल
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गोपेश्वर। जिला अस्पताल गोपेश्वर में उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट परियोजना के तहत नियुक्त चार डॉक्टर, 10 स्टाफ नर्स और दो टेक्नीशियन के अनुबंध की सेवा समाप्त हो गई है।
पहले से ही डॉक्टर की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल अब पूरी तरह से रेफर सेंटर बनकर रह गया है। अस्पताल में तैनात नेत्र सर्जन डॉ. निर्मल प्रसाद, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रुपचंद्र परांते, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पन्ना लाल और निश्चेतक डॉ. गौरव रुंगठा के साथ ही स्टाफ नर्स ममता रौतेला, सुप्रिया राय, अनुराधा शर्मा, नेहा बिष्ट, अंजली बत्रा, इंद्रेश, मैनाराज, हेमंत सिंह पंवार, राहुल पाल और तनुज सिंह की बीते 31 दिसंबर को सेवा समाप्ति हो गई है। ये डॉक्टर व स्टाफ नर्स उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम (टीएंडएम) के तहत अस्पताल में कार्यरत थे।
अब अस्पताल में गिनती के डॉक्टर काम कर रहे हैं। स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह और राजे सिंह का कहना है कि अस्पताल से एक साथ चार डॉक्टर की सेवा समाप्त तो कर दी गई है, लेकिन उनकी जगह पर एक भी डॉक्टर नहीं भेजा गया है। जिससे दूर-दराज के गांवों से अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है और वह परेशान हो रहे हैं।
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पहले से ही डॉक्टर की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल अब पूरी तरह से रेफर सेंटर बनकर रह गया है। अस्पताल में तैनात नेत्र सर्जन डॉ. निर्मल प्रसाद, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रुपचंद्र परांते, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पन्ना लाल और निश्चेतक डॉ. गौरव रुंगठा के साथ ही स्टाफ नर्स ममता रौतेला, सुप्रिया राय, अनुराधा शर्मा, नेहा बिष्ट, अंजली बत्रा, इंद्रेश, मैनाराज, हेमंत सिंह पंवार, राहुल पाल और तनुज सिंह की बीते 31 दिसंबर को सेवा समाप्ति हो गई है। ये डॉक्टर व स्टाफ नर्स उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम (टीएंडएम) के तहत अस्पताल में कार्यरत थे।
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अब अस्पताल में गिनती के डॉक्टर काम कर रहे हैं। स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह और राजे सिंह का कहना है कि अस्पताल से एक साथ चार डॉक्टर की सेवा समाप्त तो कर दी गई है, लेकिन उनकी जगह पर एक भी डॉक्टर नहीं भेजा गया है। जिससे दूर-दराज के गांवों से अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है और वह परेशान हो रहे हैं।
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