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Chamoli News: दो डॉक्टर के भरोसे चल रहा सीएचसी थराली
Mon, 11 Aug 2025 04:45 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 11 Aug 2025 04:45 PM IST
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तीन ब्लॉकों की 60 हजार से अधिक आबादी निर्भर है इस अस्पताल पर
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। पिंडर घाटी का एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिस्टम की लापरवाही का दंश झेल रहा है। इस अस्पताल से तीन ब्लॉकों की 60 हजार से अधिक आबादी लाभान्वित होती है लेकिन अस्पताल में महज एक एमबीबीएस डॉक्टर और एक ईएनटी विशेषज्ञ की ही तैनाती है। ऐसे में अस्पताल में ओपीडी हो या आपातकालीन सेवाएं दो डॉक्टरों के भरोसे ही संचालित हो रही है।
थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल, नारायणबगड़ और थराली ब्लाॅक का अस्पताल है। दो वर्ष पहले यहां पर 11 डाॅक्टर तैनात थे। अब स्थिति यह है कि यहां पर केवल एक डाॅक्टर और एक ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सक है जो रात-दिन डयूटी कर रहे हैं। यदि वह अवकाश पर चले जाते हैं तो देवाल या ग्वालदम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाती है। व्यापार संघ अध्यक्ष संदीप रावत, अब्बल सिंह, महेश उनियाल, रमेश पंत, उमेश पुरोहित आदि का कहना है कि सीमांत क्षेत्र होने के कारण यहां विशेषज्ञ डाॅक्टरों की नियुक्ति होनी चाहिए। वहीं सीएमओ डाॅ. अभिषेक गुप्ता ने कहा कि पहले यहां एक से अधिक एमबीबीएस डॉक्टर थे लेकिन वे सभी पीजी करने चले गए और अब उनका कोर्स समाप्त हो रहा है। उसके बाद फिर से उनकी नियुक्ति हो जाएगी।
इंसेट
एक्सरे सुविधा मिली तो अब डॉक्टर नहीं
थराली अस्पताल में छह साल तक एक्सरे की सुविधा नहीं थी। अब जून 2025 में एक्सरे टेक्नीशियन की नियुक्ति हुई मगर अब अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण एक्सरे करने के लिए डॉक्टर ही नहीं हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। पिंडर घाटी का एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिस्टम की लापरवाही का दंश झेल रहा है। इस अस्पताल से तीन ब्लॉकों की 60 हजार से अधिक आबादी लाभान्वित होती है लेकिन अस्पताल में महज एक एमबीबीएस डॉक्टर और एक ईएनटी विशेषज्ञ की ही तैनाती है। ऐसे में अस्पताल में ओपीडी हो या आपातकालीन सेवाएं दो डॉक्टरों के भरोसे ही संचालित हो रही है।
थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल, नारायणबगड़ और थराली ब्लाॅक का अस्पताल है। दो वर्ष पहले यहां पर 11 डाॅक्टर तैनात थे। अब स्थिति यह है कि यहां पर केवल एक डाॅक्टर और एक ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सक है जो रात-दिन डयूटी कर रहे हैं। यदि वह अवकाश पर चले जाते हैं तो देवाल या ग्वालदम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाती है। व्यापार संघ अध्यक्ष संदीप रावत, अब्बल सिंह, महेश उनियाल, रमेश पंत, उमेश पुरोहित आदि का कहना है कि सीमांत क्षेत्र होने के कारण यहां विशेषज्ञ डाॅक्टरों की नियुक्ति होनी चाहिए। वहीं सीएमओ डाॅ. अभिषेक गुप्ता ने कहा कि पहले यहां एक से अधिक एमबीबीएस डॉक्टर थे लेकिन वे सभी पीजी करने चले गए और अब उनका कोर्स समाप्त हो रहा है। उसके बाद फिर से उनकी नियुक्ति हो जाएगी।
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एक्सरे सुविधा मिली तो अब डॉक्टर नहीं
थराली अस्पताल में छह साल तक एक्सरे की सुविधा नहीं थी। अब जून 2025 में एक्सरे टेक्नीशियन की नियुक्ति हुई मगर अब अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण एक्सरे करने के लिए डॉक्टर ही नहीं हैं।
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