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मृतकों के परिजनों को कंपनी दे 50 लाख का मुआवजा
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कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि ऋषिगंगा की आपदा में मारे गए एनटीपीसी और ऋषिगंगा कंपनी के लोगों को कंपनी की तरफ से 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। कहा कि ऋषिगंगा कंपनी ने अभी तक मुआवजा देने की घोषणा भी नहीं की है। कंपनी से मुआवजा दिलाया जाए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने कहा है कि टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिए किए जा रहे कार्य में तेजी लाई जाए। नदी किनारे मलबे में दबे शवों को तलाशने के लिए अतिरिक्त मशीनों को काम पर लगाया जाए, जिससे मृतकों के परिजन उनका अपने रीति रियाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर सकें। आपदा में एनटीपीसी और ऋषिगंगा के मारे गए या लापता लोगों के एक परिजन को कंपनी में स्थायी रोजगार दिया जाए। दोनों कंपनियों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते मुकदमा दर्ज किया जाए। आपदा में टूटे पैदल पुलों का जल्दी निर्माण किया जाए। ज्ञापन देने वालों में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, लक्ष्मण बिष्ट, अरविंद सिंह, योगेंद्र सिंह, दर्शन सिंह, संदीप भंडारी, तेजवीर कंडेरी आदि शामिल रहे।
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने कहा है कि टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिए किए जा रहे कार्य में तेजी लाई जाए। नदी किनारे मलबे में दबे शवों को तलाशने के लिए अतिरिक्त मशीनों को काम पर लगाया जाए, जिससे मृतकों के परिजन उनका अपने रीति रियाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर सकें। आपदा में एनटीपीसी और ऋषिगंगा के मारे गए या लापता लोगों के एक परिजन को कंपनी में स्थायी रोजगार दिया जाए। दोनों कंपनियों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते मुकदमा दर्ज किया जाए। आपदा में टूटे पैदल पुलों का जल्दी निर्माण किया जाए। ज्ञापन देने वालों में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, लक्ष्मण बिष्ट, अरविंद सिंह, योगेंद्र सिंह, दर्शन सिंह, संदीप भंडारी, तेजवीर कंडेरी आदि शामिल रहे।
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