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ऑल वेदर रोड से न भवन सुरक्षित, न यातायात

Mon, 29 Jul 2019 07:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2019 07:36 PM IST
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Buildings and traffic are not safe from All Weather Road
चमोली में ऑल वेदर रोड परियोजना कार्य से पहाड़ी पर हुए भूस्खलन से मकानों पर पड़ी दरार। - फोटो : GOPESHWAR
ऑल वेदर रोड परियोजना कार्य से चमोली जिले में न आवासीय मकान सुरक्षित हैं और न ही वाहनों की आवाजाही। पीपलकोटी के समीप गडोरा गांव के नीचे ऑल वेदर रोड की हिल कटिंग कार्य से भूस्खलन शुरू हो गया है। यहां कई ग्रामीणों के मकानों में दरारें आ गई हैं और भूस्खलन भी रुक-रुककर जारी है। वहीं, एनएचआईडीसीएल की ओर से सोनला में चट्टानी भाग को जेसीबी से तोड़ा जा रहा है, जिससे बारिश होने पर मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ रहे हैं। बाजपुर में भी ऑल वेदर की हिल कटिंग कार्य से चट्टानी भाग पर वाहनों की आवाजाही खतरनाक बनी है।
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रुद्रप्रयाग से हेलंग (102 किलोमीटर) तक ऑल वेदर रोड परियोजना का कार्य चल रहा है। हाईवे पर लामबगड़ भूस्खलन जोन और लामबगड़ गदेरे के साथ ही कई भूस्खलन क्षेत्र हैं। ऑल वेदर रोड परियोजना कार्य से कर्णप्रयाग के समीप कालेश्वर में चट्टानी भाग पर हुए चौड़ीकरण से बारिश होने पर मलबा हाईवे पर गिर रहा है। भकुंडा, देवलीबगड़, सोनला, प्रथाडीप, पुरसाड़ी, मैठाणा, बाजपुर, चमोली चाड़ा, क्षेत्रपाल, मैठाणा, गडोरा, पाताल गंगा और गुलाबकोटी में हाईवे पर वाहनों की आवाजाही खतरे से खाली नहीं है। बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ भूस्खलन जोन का स्थायी ट्रीटमेंट कार्य इन दिनों चल रहा है, लेकिन मौजूदा समय में यहां चट्टानी भाग से पत्थरों के छिटकने का डर लगातार बना है।
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कोट
बदरीनाथ हाईवे पर चट्टानी भागों पर हाईवे को सुगम बनाया जा रहा है। आगामी सालों में हाईवे के भूस्खलन जोन पर स्थायी ट्रीटमेंट कार्य हो जाएगा। इसी वर्ष लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का भी स्थायी ट्रीटमेंट हो जाएगा। - स्वाति एस भदौरिया, डीएम, चमोली।
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बदरीनाथ हाईवे पर बिरही में नदी साइड पुश्ता निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। बारिश से कई जगहों पर हाईवे तंग हालत में पहुंच गया है। हमारे पास पर्याप्त जेसीबी हैं। हाईवे को बंद होने नहीं दिया जा रहा है। बरसात सीजन गुजरने के बाद भूस्खलन क्षेत्रों का स्थायी ट्रीटमेंट कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - आरसी मिश्रा, जीएम, एनएचआईडीसीएल, देहरादून।
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