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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Badrinath shrine gate will close on November 16

16 नवंबर को बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

Tue, 11 Oct 2016 10:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर) Updated Tue, 11 Oct 2016 10:11 PM IST
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Badrinath shrine gate will close on November 16
Remove the valve closing date prelature - फोटो : अमर उजाला

बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 45 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। मंगलवार को बदरीनाथ के सभा मंडप में बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने पंचांग देखकर धाम के कपाट बंद होने का दिन निश्चित किया। बीते वर्ष धाम के कपाट 17 नवंबर को बंद हुए थे।

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मंगलवार सुबह ग्यारह बजे बदरीनाथ की अभिषेक पूजा के बाद बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह व अन्य वेदपाठी व आचार्य ब्राह्मणों की मौजूदगी में कपाट बंद होने का दिन 16 नवंबर निश्चित किया गया।
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रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा की। इस दौरान कई तीर्थयात्री, बामणी और माणा गांव के हक-हकूकधारी ग्रामीण भी मौजूद थे। विजय दशमी के मौके पर बदरीनाथ में भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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बदरीनाथ के कपाट बंद होने से पूर्व ये प्रक्रियाएं होंगी संपन्न-
12 नवंबर- गणेश व महाभिषेक पूजा के बाद शाम 7 बजे गणेश मंदिर के कपाट बंद।
13 नवंबर- मध्याह्न में आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट होंगे बंद।
14 नवंबर- धाम में वेद ऋचाओं के वाचन पर विराम।
15 नवंबर- लक्ष्मी मंदिर में पूजा व कढ़ाई भोग का आयोजन।
16 नवंबर- माता लक्ष्मी का बदरीनाथ गर्भग्रह में प्रवेश और अपराह्न तीन बजकर 45 मिनट पर बदरीनाथ के कपाट होंगे बंद।

हक-हकूकधारियों को सौंपी जिम्मेदारी

बदरीनाथ धाम में आगामी वर्ष की तीर्थयात्रा के लिए पांडुकेश्वर के हक-हकूकधारियों को पगड़ी पहनाकर बदरीनाथ के भंडार गृह की जिम्मेदारी सौंपी गई।

धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल की घोषणा पर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने पांडुकेश्वर के जसवीर मेहता, ध्रुव सनवाल, मनीष भंडारी और नरेश पंवार को पगड़ी पहनाकर आगामी वर्ष की तीर्थयात्रा में भंडार गृह की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस मौके पर मंदिर अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी, किशोर पंवार, अजय सती और दरवान सिंह भंडारी आदि मौजूद थे।

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