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बदरीनाथ : ब्रह्मकपाल में पिंडदान के लिए उमड़े श्रद्धालु
Sat, 10 Oct 2026 07:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 10 Oct 2026 07:16 PM IST
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पितर पक्ष में पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने किए धाम के दर्शन
चारधाम यात्रा का आंकड़ा 56 लाख पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। सर्वपितृ अमावस्या पर शनिवार को बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं का रैला उमड़ पड़ा। ब्रह्मकपाल तीर्थ में देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने पितरों की आत्मा की शांति और मुक्ति की कामना के साथ पिंडदान और तर्पण किया। अलकनंदा नदी में स्नान के बाद तीर्थ पुरोहितों ने विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इसके साथ ही पितर पक्ष का समापन हो गया। पितर पक्ष के दौरान पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ धाम में दर्शन किए।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि नौ अक्तूबर तक बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में कुल 36,50,112 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें बदरीनाथ में 19,57,224 और केदारनाथ में 16,92,888 श्रद्धालु शामिल हैं। हेमकुंड साहिब सहित चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या 56 लाख पहुंच गई है। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि रविवार से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। इस अवसर पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में घटस्थापना की जाएगी।
सर्व पितृ अमावस्या पर उमड़े श्रद्धालु
देवप्रयाग। पवित्र भागीरथी और अलकनंदा नदी के संगम स्थल देवप्रयाग में सर्व पितृ अमावस्या और पितृ विसर्जन के अवसर पर शनिवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। संगम तट पर अलसुबह से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। जहां श्रद्धालुओं ने संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर स्नान किया और अपने पितरों का विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान किया। संवाद
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सर्वपितृ अमावस्या पर बना गजछाया योग
फाटा। शनिवार में सर्वपितृ अमावस्या को सभी पितरों को मोक्ष गामी बनाने और स्वयं सुख समृद्धि के लोगों ने अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध संपन्न किए। शनिवार से शुरू होकर शनिवार को ही संपन्न हुए पितृ श्राद्ध के साथ गज छाया योग का संयोग भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। आचार्य हर्षवर्धन देवशाली ने बताया कि धार्मिक परंपराओं में इस अवधि के दौरान नदी में स्नान, ब्राह्मण भोजन और अन्न-वस्त्र सहित अन्य वस्तुओं के दान को पुण्यदायी माना गया है। संवाद
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चारधाम यात्रा का आंकड़ा 56 लाख पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। सर्वपितृ अमावस्या पर शनिवार को बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं का रैला उमड़ पड़ा। ब्रह्मकपाल तीर्थ में देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने पितरों की आत्मा की शांति और मुक्ति की कामना के साथ पिंडदान और तर्पण किया। अलकनंदा नदी में स्नान के बाद तीर्थ पुरोहितों ने विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इसके साथ ही पितर पक्ष का समापन हो गया। पितर पक्ष के दौरान पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ धाम में दर्शन किए।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि नौ अक्तूबर तक बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में कुल 36,50,112 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें बदरीनाथ में 19,57,224 और केदारनाथ में 16,92,888 श्रद्धालु शामिल हैं। हेमकुंड साहिब सहित चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या 56 लाख पहुंच गई है। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि रविवार से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। इस अवसर पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में घटस्थापना की जाएगी।
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सर्व पितृ अमावस्या पर उमड़े श्रद्धालु
देवप्रयाग। पवित्र भागीरथी और अलकनंदा नदी के संगम स्थल देवप्रयाग में सर्व पितृ अमावस्या और पितृ विसर्जन के अवसर पर शनिवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। संगम तट पर अलसुबह से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। जहां श्रद्धालुओं ने संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर स्नान किया और अपने पितरों का विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान किया। संवाद
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सर्वपितृ अमावस्या पर बना गजछाया योग
फाटा। शनिवार में सर्वपितृ अमावस्या को सभी पितरों को मोक्ष गामी बनाने और स्वयं सुख समृद्धि के लोगों ने अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध संपन्न किए। शनिवार से शुरू होकर शनिवार को ही संपन्न हुए पितृ श्राद्ध के साथ गज छाया योग का संयोग भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। आचार्य हर्षवर्धन देवशाली ने बताया कि धार्मिक परंपराओं में इस अवधि के दौरान नदी में स्नान, ब्राह्मण भोजन और अन्न-वस्त्र सहित अन्य वस्तुओं के दान को पुण्यदायी माना गया है। संवाद