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Chamoli News: पिंडर नदी पर अस्थायी पुलिया बनाते हुए बहा एक बुजुर्ग, नहीं लगा कोई सुराग
Fri, 01 Dec 2023 04:59 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 01 Dec 2023 04:59 PM IST
सार
पिंडर नदी पर बनी लकड़ी की अस्थायी पुलिया हर साल बरसात में बह जाती है और हरमल, तोरती, रामपुर के ग्रामीणों की आवाजाही बाधित हो जाती है। ऐसे में ग्रामीणों को ऋषिपुल से खेता से रामपुर तोरती तक करीब 10 किमी पैदल अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ती है।
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नदी में बहा बुजुर्ग
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
पिंडर नदी पर बनी लकड़ी की अस्थायी पुलिया बरसात में बह गई थी। बुधवार को कई ग्रामीण मिलकर यहां अस्थायी पुलिया का निर्माण कर रहे थे तभी हरमल के बुजुर्ग अनियंत्रित होकर नदी में बह गए। ग्रामीणों ने उनकी खोज की लेकिन नदी का पानी मटमैला होने के कारण उनका कुछ पता नहीं चल पाया।
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पिंडर नदी पर बनी लकड़ी की अस्थायी पुलिया हर साल बरसात में बह जाती है और हरमल, तोरती, रामपुर के ग्रामीणों की आवाजाही बाधित हो जाती है। ऐसे में ग्रामीणों को ऋषिपुल से खेता से रामपुर तोरती तक करीब 10 किमी पैदल अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ती है। बुधवार को दोपहर के समय हरमल के करीब 15-20 ग्रामीण नदी पर अस्थायी पुलिया का निर्माण करने के लिए एकजुट हुए। पुलिया पर लकड़ी के दो डंडे बिछाए जा रहे थे कि तभी पूरन सिंह गड़िया (65) अनियंत्रित हो गए और नदी में बह गए। ग्रामीणों ने उनकी खोज की कोशिश की लेकिर पिंडर नदी का पानी मटमैला होने के कारण उनका कुछ पता नहीं लग सका। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रधान और नलधूरा के पटवारी प्रमोद नेगी को दी। पटवारी प्रमोद नेगी ने बताया कि जिले की आपदा प्रबंधन टीम को सूचना दे दी है। राजस्व की टीम घटना स्थल के लिए रवाना हो गई है। घटनास्थल सात किलोमीटर पैदल है।
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दो साल बाद भी नहीं लगी ट्रॉली
हरमल के ग्राम प्रधान कलावती गड़िया व उप प्रधान प्रकाश राम ने बताया कि लोनिवि की ओर से यहां पर हाईड्रोलिक ट्राॅली लगाई गई थी जो 2021 में बह गई थी। यहां से हरमल, तोरती, रामपुर, व कुमाऊं के लोगों का आना-जाना होता है लेकिन पुलिया नहीं होने के कारण बरसात के समय यहां का आपस में संपर्क कट जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को 10 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। हर साल ग्रामीण यहां पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाते हैं। इसी पुलिया से ग्रामीण आवाजाही करते हैं। कई बार लोनिवि को यहां ट्राॅली लगाने के लिए कहा गया लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
दस साल बाद भी नहीं बना झूला पुल
वर्ष 2013 की आपदा में पिंडर नदी पर बना झूला पुल बह गया था लेकिन दस साल बाद भी यहां झूला पुल नहीं बन पाया है। जबकि वर्ष 2022 में लकड़ी की पुलिया से गुजरते समय रामपुर की एक महिला और उसका 14 साल के बेटे की बहने से मौत हो गई थी। हरमल गांव के पास पिंडर नदी पर लोनिवि की ओर से झूला पुल बनाया गया था जो 2013 की आपदा में बह गया था। पुल के बहने से क्षेत्र के हरमल, रामपुर, तोरती व कुमाऊं के कई गांवों का संपर्क कट गया था। ग्रामीणों ने पुल निर्माण के लिए कई बाद विभाग और सरकार से मांग की लेकिन दस साल बाद भी झूला पुल स्वीकृत नहीं हुआ। हरमल के हरेंद्र गड़िया ने यहां जल्द झूला पुल के निर्माण की मांग की। वहीं वहीं लोनिवि थराली के ईई दिनेश मोहन गुप्ता ने कहा कि दो माह पहले ही मेरी पोस्टिंग यहां हुई है। हरमल झूला पुल व ट्राॅली के बारे में मुझे जानकारी नहीं है।