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12 वर्ष बाद चौसठमुखी मां नंदा की दिवारा यात्रा शुरू
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जोशीमठ के लाता गांव में नंदा की देवरा यात्रा के शुभारंभ पर नंदा की डोली नीती गांव के लिए हुई रवाना?
- फोटो : GOPESHWAR
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बारह वर्ष बाद लाता गांव में चौसठमुखी मां नंदा की दिवारा यात्रा शुरू हुई। मंगलवार को विधि-विधान से मां नंदा की डोली ने नीती घाटी के गांवों का भ्रमण शुरू किया। 30 सितंबर तक माता की डोली घाटी के 21 गांवों का भ्रमण कर भक्तों की कुशलक्षेम पूछेगी। इस दौरान भोटिया जनजाति की महिलाओं ने झुमेलो और दांकुड़ी नृत्य कर मां नंदा के जागर गाए। माता की डोली रात्रि प्रवास के लिए तोलमा गांव पहुंच गई है।
मंगलवार को सुबह पांच बजे से ही चौसठमुखी मां नंदा की विशेष पूजाएं शुरू हुईं। सुबह सात से 11 बजे तक मां नंदा की वैदिक पूजाएं हुईं। पूजा-अर्चना के बाद ढोल-दमाऊं की थाप पर अवतारी पुरुष पर मां नंदा अवतरित हुईं और भक्तों को दर्शन दिए। शाम चार बजे मां नंदा की डोली को मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया गया और दिवारा यात्रा शुरू हुई। नंदा देवी दिवारा समिति के अध्यक्ष डा. मान सिंह राणा और लक्ष्मण बुटोला ने बताया कि मां नंदा दिवारा यात्रा के तहत 21 गांवों का भ्रमण करेगी। इस मौके पर नीती-माणा समिति के अध्यक्ष डा. यूएस रावत, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य धीरेंद्र गरोड़िया, सुपिया राणा, नरेंद्र रावत, ठाकुर सिंह राणा, प्रेम सिंह रावत, धमेंद्र पाल, रमेश राणा, लाता प्रधान सरिता देवी आदि मौजूद रहे।
मां नंदा की डोली बेराधार पहुंची
देवाल। बधाड़ की ईष्ट देवी मॉ नंदा की डोली मंगलवार की सुबह उलंग्रा गांव से बेराधार पहुंची। बुधवार को डोली व लोकजात यात्रा थराली ब्लॉक में प्रवेश करेंगे।
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मंगलवार की सुबह मॉ नंदा की डोली उलंग्रा होते बेराधार गांव पहुंची। बेराधार में मॉ नंदा की डोली को जोरदार स्वागत हुआ। श्रद्धालुओं के स्वागत में भंडारे का आयोजन किया गया। कुरूड़ मंदिर सामिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने बताया कि सात सितंबर को डोली थराली ब्लॉक के गोठिंडा गांव में प्रवास करेगी। आठ सितंबर को कुराड़, नौ को ढुंगातोली, 10 को देवराणा मंदिर में छह माह प्रवास पर रहेंगे।
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मंगलवार को सुबह पांच बजे से ही चौसठमुखी मां नंदा की विशेष पूजाएं शुरू हुईं। सुबह सात से 11 बजे तक मां नंदा की वैदिक पूजाएं हुईं। पूजा-अर्चना के बाद ढोल-दमाऊं की थाप पर अवतारी पुरुष पर मां नंदा अवतरित हुईं और भक्तों को दर्शन दिए। शाम चार बजे मां नंदा की डोली को मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया गया और दिवारा यात्रा शुरू हुई। नंदा देवी दिवारा समिति के अध्यक्ष डा. मान सिंह राणा और लक्ष्मण बुटोला ने बताया कि मां नंदा दिवारा यात्रा के तहत 21 गांवों का भ्रमण करेगी। इस मौके पर नीती-माणा समिति के अध्यक्ष डा. यूएस रावत, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य धीरेंद्र गरोड़िया, सुपिया राणा, नरेंद्र रावत, ठाकुर सिंह राणा, प्रेम सिंह रावत, धमेंद्र पाल, रमेश राणा, लाता प्रधान सरिता देवी आदि मौजूद रहे।
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मां नंदा की डोली बेराधार पहुंची
देवाल। बधाड़ की ईष्ट देवी मॉ नंदा की डोली मंगलवार की सुबह उलंग्रा गांव से बेराधार पहुंची। बुधवार को डोली व लोकजात यात्रा थराली ब्लॉक में प्रवेश करेंगे।
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मंगलवार की सुबह मॉ नंदा की डोली उलंग्रा होते बेराधार गांव पहुंची। बेराधार में मॉ नंदा की डोली को जोरदार स्वागत हुआ। श्रद्धालुओं के स्वागत में भंडारे का आयोजन किया गया। कुरूड़ मंदिर सामिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने बताया कि सात सितंबर को डोली थराली ब्लॉक के गोठिंडा गांव में प्रवास करेगी। आठ सितंबर को कुराड़, नौ को ढुंगातोली, 10 को देवराणा मंदिर में छह माह प्रवास पर रहेंगे।