फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Adi Guru Shankaracharya installed in Gaddi Narsingh temple

जय बदरीनाथ के जयकारों के साथ नृसिंह मंदिर में स्थापित हुई आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी

Tue, 19 Nov 2019 10:33 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2019 10:33 PM IST
विज्ञापन
Adi Guru Shankaracharya installed in Gaddi Narsingh temple
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद मंगलवार को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी विधि-विधान से जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में प्रतिष्ठापित की गई। इस दौरान भारी संख्या में नृसिंह मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के जयकारे के साथ शंकराचार्य जी की गद्दी का स्वागत किया।
विज्ञापन

17 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, कुबेर जी व उद्धव जी की उत्सव डोली को योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर लाया गया था। उद्घव जी और कुबेर जी की मूर्तियों को मंदिर में प्रतिष्ठापित करने के बाद मंगलवार को बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल व अन्य वेदपाठियों के साथ गद्दी को योगध्यान मंदिर में पूजा अर्चना के बाद सुबह दस बजे जोशीमठ के लिए रवाना किया गया। पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे शंकराचार्य की गद्दी नृसिंह मंदिर में विराजमान हुई। इस दौरान बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल का स्थानीय लोगों ने फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। नृसिंह मंदिर पहुंचने पर माता लक्ष्मी के मंदिर के पास पूजा अर्चना की गई। इस दौरान नृसिंह मंदिर परिसर में नृसिंह ग्रुप की ओर से श्रद्घालुओं को जलपान कराया गया। इस मौके पर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, उमेश सती, प्रेमलता बिष्ट, विनीता चौहान, कुसुम सती, जयप्रकाश भट्ट, अवधेश अग्रवाल, प्रदीप भट्ट, प्रदीप सुंद्रियाल, सुधीर पंवार, दीपक राणा, मुकेश रावत, मोनू अग्रवाल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

रावल ने विष्णुप्रयाग संगम पर की गंगा आरती
जोशीमठ। योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से लौटते वक्त मंगलवार को बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी और धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने विष्णु प्रयाग में गंगा आरती की। इस दौरान बदरीनाथ के अपर धर्माधिकारी सत्य प्रकाश चमोला, रविंद्र प्रसाद भट्ट, राधा कृष्ण थपलियाल के साथ-साथ गंगा आरती समिति जोशीमठ के संयोजक नितिन सेमवाल, भगवती प्रसाद, विष्णु प्रयाग के पुजारी दुर्गा प्रसाद सकलानी, पंडित सूरज सकलानी भी शामिल थेे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed